आगरा।
आगरा में शिवहरे समाज की धरोहर राधाकृष्ण मंदिर में गुरुवार को आयोजित ‘भजन संध्या’ में ‘संकीर्तन क्लब’ के कलाकारों ने ‘भजन-क्लबिंग’ के नए ट्रेंड से रू-ब-रू कराया। क्लब के मुख्य गायक यश गुप्ता ने अपने साथियों के साथ आधुनिक साजों की बीट्स-रिदिम में सुरबद्ध भजनों की प्रस्तुति से श्रोताओं के अंतर्मन को भक्ति और भाव के अलग-अलग रंगों से सराबोर कर दिया।

राधाकृष्ण मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री अरविंद गुप्ता ने स्वजातीय युवाओं यश गुप्ता, श्यामजी शिवहरे, रजत गुप्ता और सोनू गुप्ता समेत समस्त कलाकारों को सुंदर प्रस्तुति के लिए बधाई देते हुए उन्हें समाज का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि शिवहरे समाज के लिए यह गर्व की बात है कि हमारे प्रतिभावान बच्चों ने आगरा का पहला ‘भजन-क्लबिंग म्युजिकल ग्रुप’ बनाया है, समाज मे उनकी यह पहली प्रस्तुति हम सभी के लिए सुखद अनुभूति रही जो भविष्य की उनकी लंबी यात्रा की झलक देती है। इससे पूर्व राधाकृष्ण मंदिर समिति और शिवहरे युवा कमेटी की ओर से सभी कलाकारों एवं आगंतुकों का पटका पहनाकर स्वागत किया गया।

भजन संध्या का शुभारंभ शाम सात बजे संध्या आरती के बाद मुख्य सिंगर यश गुप्ता ने गणेश-वंदना की सुंदर प्रस्तुति से किया। इसके बाद एक से बढ़कर एक नए-पुराने लोकप्रिय भजनों को आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत किया। श्यामजी शिवहरे, रजत गुप्ता औऱ सोनू गुप्ता कोरस में उनके साथ सुर मिला रहे थे। गुरप्रीत कौर ‘साहिबा’ हारमोनियम पर संगत दे रही थीं, उन्होंने कुछ खूबसूरत भजन भी गाए। तबला, प्यानो और पैड जैसे साजों को बाहर से बुलाए कलाकारों ने संभाला। यश गुप्ता भजन गायकी के साथ-साथ गिटार पर अपनी उंगलियों के कौशल से भी हतप्रभ कर रहे थे। एक के बाद एक सुंदर भजन प्रस्तुतियों से अंत तक ऐसा आध्यात्मिक माहौल बन गया कि वहां मौजूद सभी लोग भक्तिभाव में तल्लीन होकर स्वतः ही थिरकने लगे। दो-ढाई घंटे कब बीत गए, पता ही नहीं चला। रात करीब साढ़े नौ बजे कार्यक्रम का समापन हुआ।

जम गई पिता-पुत्र की जोड़ी
वेसे तो संकीर्तन क्लब का यह चौथा शो था लेकिन क्लब के मुख्य गायक यश गुप्ता के लिए यह अब तक का सबसे चुनौतीपूर्ण कार्यक्रम था। ‘अपनों’ के बीच यह उनकी पहली प्रस्तुति जो थी, और पहली दफा, सामने की दीर्घा में उनके पिता श्री कुलभूषण गुप्ता रामभाई भी बैठे थे जो खुद भी सुंदरकांड वाचन एवं भजन गायकी के लिए विख्यात है। ऐसे में यश पर अपना बेस्ट देने का एक स्वाभाविक प्रेशर था जिसे पिता के कर्मक्षेत्र में आगे बढ़ने वाला हर पुत्र महसूस करता है। उधर, रामभाई बैठे-बैठे मानो म्यूजिक डायरेक्टर की भूमिका निभाते हुए बीच-बीच में जरूरत महसूस होने पर साजिंदों और साउंड कंट्रोलर को हाथों के इशारों से निर्देश देते जा रहे थे। पुत्र को पिता का यह स्वाभाविक सपोर्ट था, जो यश गुप्ता की प्रस्तुति को कहीं-कहीं बहुत प्रभावी बनाने में कारगर रहा। कार्यक्रम में यश गुप्ता की मम्मी श्रीमती अलका गुप्ता, रजत गुप्ता की माताजी श्रीमती मोहिनी राजीव गुप्ता और श्यामजी की माताजी श्रीमती सुनीता विजयभूषण शिवहरे ने भी बच्चों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया।

ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में सर्वश्री राजेंद्र गुप्ता मास्टरसाहब, प्रेमचंद शिवहरे, मोतीलाल शिवहरे (मंत्री, दाऊजी मंदिर समिति), विपिन शिवहरे, एडवोकेट वीरेंद्र गुप्ता शिवहरे (सचिव, दाऊजी मंदिर समिति), अनूप शिवहरे, सरजू गुप्ता काकेभाई, तुषार गुप्ता तनु (अध्यक्ष, शिवहरे युवा समेती), जीतू शिवहरे, युवा भाजपा नेता हर्ष शिवहरे, प्रकाश गुप्ता, अनुराग शिवहरे एडवोकेट, कुश शिवहरे, रोशन शिवहरे, मोहन शिवहरे, पंकुर शिवहरे, अभिजीत शिवहरे, मनोज शिवहरे, पूनम गुप्ता, रितु गुप्ता, रजनी गुप्ता, भावना गुप्ता समेत शिवहरे समाजबधु एवं महिलाएं उपस्थित रहे।












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