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राधाकृष्ण मंदिर के लिए नया नेतृत्व चाहते हैं अरविंद गुप्ता; 26 जनवरी को वरिष्ठ समाजजनों के समक्ष करेंगे पदमुक्त होने की घोषणा

आगरा।
आगरा में शिवहरे समाज की धरोहर राधाकृष्ण मंदिर के ‘प्रधान सेवक’ श्री अरविंद गुप्ता ने अब नए नेतृत्व को जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय कर लिया है। आगामी 26 जनवरी को वह मंदिर परिसर में बैठक आहूत कर वरिष्ठ समाजबंधुओं के समक्ष अध्यक्ष पद से अपने त्यागपत्र की औपचारिक घोषणा कर देंगे।
श्री अऱविंद गुप्ता ने शिवहरेवाणी को यह जानकारी दी है। श्री अरविंद गुप्ता ने बताया कि समाज ने राधाकृष्ण मंदिर की सेवा का सौभाग्य उन्हें 4 जून, 2017 को एक चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से प्रदान किया था। इन लगभग आठ वर्षों के दौरान उन्होंने पूरे मनोयोग से इस महती जिम्मेदारी का निर्वहन करने का प्रयास किया, अपनी कार्यकारिणी से सहयोग से मंदिर के नियमित कार्यों (नियमित पूजा-आरती, साल में होने वाले पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों व समारोहों) का संचालन कराया। लेकिन सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी मंदिर के अधूरे निर्माण कार्यों को पूरा कराने की, और उन्होंने अपनी कार्यकारिणी के साथ मिलकर समाज के सहयोग से यथासंभव अधिकाधिक कार्य कराने का प्रयास किया। अब उन्हें महसूस होता है कि इस गौरवशाली धरोहर को संभालने के लिए समाज को नया नेतृत्व चुनना चाहिए।
बता दें कि राधाकृष्ण मंदिर शिवहरे समाज की लगभग 63 वर्ष पुरानी धरोहर है। बप्पू के नाम से लोकप्रिय रहे स्व. श्री चिरंजीलालजी शिवहरे (ईंट-भट्टे वाले) ने 1962 में मंदिर निर्माण के लिए अपनी जमीन दान की थी, जिस पर रातों-रात वृंदावन से राधाकृष्ण की मूर्ति लाकर यहां स्थापित करा दी गई। मंदिर लंबे लगभग 45 वर्ष तक अपने मूल स्वरूप में ही रहा। इसके बाद श्री विनय गुप्ता के नेतृत्व में गठित प्रबंध समिति ने मंदिर को और अधिक भव्य व बहुउपयोगी बनाने के लिए इसके पुनर्निर्माण एवं जीर्णोद्धार अभियान की शुरुआत की। श्री विनय गुप्ता के अथक प्रयासों से किरायेदारों को शिफ्ट कराकर मंदिर की संपत्ति को मुक्त कराया जा सका और उन्हीं के नेतृत्व में मंदिर के पुनर्निर्माण कार्य का शुभारंभ हुआ जिसमें समाज ने तन-मन-धन से योगदान किया। श्री विनय गुप्ता औऱ उनकी कार्यकारिणी ने दिन-रात की मेहनत से पुनर्निर्माण कार्य कराकर 2014 में राधाकृष्ण की मूर्ति स्थापित कराई, और पुनर्निर्माण कार्य के दूसरे चरण का टास्क नए नेतृत्व को सौंपने के लिए अध्यक्ष पद त्याद दिया था। 2014 में स्व. श्री दयाशंकर शिवहरे मंदिर समिति के नए अध्यक्ष चुने गए। लेकिन, 2017 में श्री अरविंद गुप्ता मंदिर के अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद ही मंदिर पुनर्निर्माण कार्य का दूसरा चरण शुरु हो सका था।

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