आगरा।
लोहामंडी में आलमगंज स्थित शिवहरे गली (राधाकृष्ण मंदिर के बगल में) शारदीय नवरात्र के नौ दिन शिवहरे समाज की श्रद्धा, आस्था और भक्ति का केंद्र बनी रहेगी। शिवहरे युवा कमेटी के तत्वावधान में लगातार तीसरी बार यहां नवरात्र पर दुर्गा पंडाल सजाया गया है। सोमवार 22 सितंबर की सुबह 31 कलशों की शोभायात्रा के साथ विधिवत तरीके मां दुर्गा की मनुहारी प्रतिमा स्थापित की गई।

शिवहरे युवा कमेटी के हर्ष शिवहरे ने बताया कि आगे नौ दिनों तक हर शाम दुर्गा पंडाल में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रतिदिन सुबह 9 बजे और शाम 8 बजे मैया की आरती की जाएगी। इस क्रम में मंगलवार 23 सितंबर को शाम 5 बजे से स्वजातीय महिलाएं सुंदरकांड का पाठ करेंगी। शिवहरे युवा कमेटी ने महानगर के सभी शिवहरे समाजबंधुओं से समाजबंधुओं को प्रतिदिन शाम के समय दुर्गा पंडाल में होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होने का आग्रह किया है।
शोभायात्रा सोमवार सुबह 10 बजे जयपुर हाउस स्थित रतनमुनि जैन इंटर कालेज से शुरू हुई। कलशयात्रा में सबसे आगे बैंड-बाजे देवी भजनों की धुन बजाते चल रहे थे। उसके पीछे महिलाएं 31 कलशों को शीश पर धरकर नाचते-गाते चल रही थीं। पीछे रथ पर मां की प्रतिमा थी। रास्ते में पानी की टंकी के सामने श्री संजीव शिवहरे ‘पिंटू भाई’ ने अपने प्रतिष्ठान ‘शिवहरे गिफ्ट’ पर कलशयात्रा का स्वागत किया और उसमें शामिल समाजबंधुओं को केसर पेठे के डिब्ब वितरित किए। शिवहरे गली में प्रवेश करते ही वरिष्ठ समाजसेवी श्री विपिन शिवहरे ने कोल्डड्रिंक्स से कलशयात्रियों का स्वागत किया।
शिवहरे गली पहुंचने पर महिलाओं ने दुर्गा पंडाल के मंच पर अपने-अपने कलश धरे, जिसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमा को मंच पर विराजमान कराया गया। पंडितजी ने विधि-विधान से पूजा-पाठ करा कर दुर्गा स्थापना कराई, जिसके बाद सभी को प्रसाद वितरित किया गया। कलशयात्रा में राधा गुप्ता, दिव्या गुप्ता, नीमा गुप्ता, रितु गुप्ता, रजनी गुप्ता, पूनम गुप्ता, मणि शिवहरे, हेमा गुप्ता, कमला गुप्ता, नैना गुप्ता, संगीता गुप्ता, उर्मिला गुप्ता, मेनका गुप्ता, रेनू गुप्ता समेत 31 स्वजातीय महिलाओं ने कलश उठाए थे।
रात आठ बजे देवी मां की महाआरती की गई जिसमें उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती बबीता चौहान की उपस्थिति विशेष रही। इस दौरान लोहामंडी क्षेत्र के तीनों पार्षद शरद चौहान, अमित पटेल और विक्रांत कुशवाह भी मौजूद रहे। महाआरती में लोहामंडी का शिवहरे समाज बड़ी संख्या में उपस्थित रहा।
