शिवपुरी/नई दिल्ली।
शिवपुरी के होनहार युवा अधिवक्ता यशस्वी चौकसे ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आयोजित ‘एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड’ (AoR) परीक्षा क्वालीफाई कर ली है। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले शिवपुरी के पहले अधिवक्ता हैं। यशस्वी की सफलता साबित करता है कि समर्पण के साथ निरंतर परिश्रम कर छोटे शहरों से भी सर्वोच्च मंच तक पहुंचा जा सकता है। शिवपुरी के कलचुरी समाज ने यशस्वी चौकसे की कामयाबी पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
बता दें कि AoR परीक्षा सर्वोच्च न्यायालय में प्रक्रियात्मक जिम्मेदारियों से जुड़ी एक विशेष योग्यता है, जिसके माध्यम से अधिवक्ता को न्यायालय में वाद दायर करने और रिकॉर्ड पर अधिकृत रूप से कार्य करने का अधिकार प्राप्त होता है। इसे यूं भी समझा जा सकता है कि केवल AoR ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका, अपील या विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर कर सकता है। बिना AoR के हस्ताक्षर के कोई भी मामला सूचीबद्ध नहीं किया जा सकता।

AoR बनने के लिए एक कठिन परीक्षा से गुजरना पड़ता है, जिसमें चार विषयों के पेपर होते हैं। प्रत्येक वर्ष सीमित संख्या में अधिवक्ता ही इस कठिन परीक्षा को उत्तीर्ण कर पाते हैं। सुप्रीम कोर्ट में कम से कम चार वर्ष से वकालत कर रहे अधिवक्ता ही परीक्षा दे सकते हैं। गत वर्ष जून माह में AoR परीक्षा आयोजित की गई थी जिसमें 1600 अभ्यर्थी बैठे थे। इसमें 207 सफल अभ्यर्थियों की सूची दो दिन पूर्व 25 फरवरी को जारी की गई, जिसमें यशस्वी चौकसे का नाम देख परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।

शिक्षा व करियर
यशस्वी चौकसे की स्कूली शिक्षा शिवपुरी से हुई है। दिल्ली विश्वविद्यालय की लॉ फैकल्टी स्थित कैंपल लॉ सेंटर से विधि-स्नातक (एलएलबी) करने के बाद गत पांच वर्षों से वह सुप्रीम कोर्ट में प्रेक्टिस कर रहे हैं। अध्ययन के दौरान ही यशस्वी चौकसे ने संवैधानिक और अपीलीय कानून में गंभीर रुचि विकसित की, जो उनके लिए सुप्रीमकोर्ट में अपने करियर को आगे बढ़ाने और एओआर बनने तक में बहुत मददगार साबित हुआ।

परिवार में खुशी की लहर
30 वर्षीय यशस्वी चौकसे (पुत्र स्व. श्री सुरेशचंद्र चौकसे) शिवपुरी में कमलागंज के रहने वाले हैं जहां उनकी माताजी श्रीमती मीरा चौकसे और बड़े भाई नीतिन चौकसे समेत पूरा परिवार रहता है। नितिन चौकसे खनन कारोबारी हैं। यशस्वी की दो बड़ी बहनें हैं, पल्लवी जायसवाल लखनऊ में तैनात एएसपी आलोक जायसवाल की पत्नी हैं, जबकि छोटी बहन देवांगी कोटा में अपने पति प्रिंस मेवाड़ा के साथ रहती हैं जो एक प्रतिष्ठित होटल व्यवसायी हैं। यशस्वी की कामयाबी से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है, मित्रों व संबंधियों की ओर से बधाइयों का सिलसिला अब तक जारी है।

कलचुरी समाज ने दी बधाई
यशस्वी चौकसे की उपलब्धि पर स्थानीय कलचुरी समाज ने भी हर्ष व्यक्त किया है। कलचुरी कलार शिवहरे समाज शिवपुरी के अध्यक्ष किशन स्वरूप शिवहरे, महामंत्री वीरेंद्र शिवहरे (पूर्व पार्षद), उपाध्यक्ष डा. एमके शिवहरे, राकेश चौकसे एवं मुरारीलाल शिवहरे, कोषाध्यक्ष रमेश शिवहरे, भरत शिवहरे, दिनेश राय, हरी शिवहरे, कल्लू शिवहरे समेत संपूर्ण कार्यकारिणी ने यशस्वी चौकसे को बधाई देते हुए कहा कि शिवपुरी जैसे शहर से राष्ट्रीय स्तर की न्यायिक प्रक्रिया में प्रतिनिधित्व युवाओं के लिए एक प्रेरक उपलब्धि है।












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