April 13, 2026
शिवहरे वाणी, D-30, न्यू आगरा, आगरा-282005 [भारत]
समाचार साहित्य/सृजन

श्रद्धांजलिः ‘कलचुरी समाज की शान’ इंदीवर के कई गीतों को आशा भोंसले ने दी अपनी आवाज; अमर रहेगी फिल्म जगत की यह लोकप्रिय जुगलबंदी

झांसी।
महान गायिका आशा भोसले ने अपने कॅरिअर में 12 हजार से अधिक गीत गाए हैं। इनमें कलचुरी समाज के गौरव फिल्म गीतकार श्यामलाल बाबू राय इंदीवर के लिखे तमाम गाने भी शामिल हैं। इंदीवर और आशा भोंसले की जोड़ी को फिल्म जगत की सबसे लोकप्रिय गीतकार-सिंगर जुगलबंदी में शामिल किया जाता है।
झांसी के बरुआसागर के रहने वाले श्यामलाल बाबू राय उर्फ इंदीवर ने लगभग 300 फिल्मों के लिए 1000 से अधिक गाने लिखे हैं। इनमें एक से बढ़कर एक गीत हैं। उनके लिखे ‘ये मेरा दिल’ (डॉन, 1978), ‘पिया तू अब तो आजा’ (कारवां, 1971), ‘ओ हसीना जुल्फों वाली’ (तीसरी मंजिल, 1966), ‘चुरा लिया है तुमने’ (यादों की बारात, 1973), ‘अभी न जाओ छोड़कर’ (हम दोनों, 1961), ‘कहीं आग लगे’ (तक्षक, 1999) समेत कई यादगार गीतों को आशा भोंसले ने अपनी आवाज से सजाया, जो आज भी लोगों की जुबां पर हैं।
इंदीवर के भतीजे अजीत राय ने बताया कि मुंबई में फूफाजी इंदीवर के साथ उनकी कई बार आशा भोसले से मुलाकात हुई। वह अक्सर इंदीवर के साथ गीतों का रियाज करती थीं। उन्होंने बताया कि आशा भोसले रानी लक्ष्मीबाई से खासी प्रभावित थीं। मुलाकातों के दौरान वह झांसी की रानी के बारे में जरूर कुछ न कुछ पूछती थीं। झांसी आने की उन्होंने इच्छा भी जताई थी। लेकिन उनकी यह इच्छा अधूरी ही रह गई। रविवार, 12 अप्रैल 2026 को 92 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। लेकिन, जब कभी इंदीवर के गीतों बात होगी, तो आशा भोंसले की गायकी की तारीफ के बिना बात मुकम्मल नहीं होगी।

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