by Som Sahu August 17, 2017 Uncategorized, जानकारियां, शख्सियत, साक्षात्कार 784
छोटी सी उम्र में उपन्यास लिखने वाले वैभव से शिवहरे वाणी की बातचीत
इस साल चुने गए इंडियाज मोस्ट टेलेंटेड मॉडल, सिंगिंग में गजब टेलेंट
शिवहरे वाणी नेटवर्क
आगरा।
पहला वाक्य- ‘हम आज जहां कहीं भी हैं, जिस भी मुकाम पर हैं, अपने विचारों की वजह से हैं।‘ दूसरा वाक्य-‘जीवन में कुछ भी इम्पॉसिबल (Impossible) नहीं है। खुद Impossible कहता है कि I m (am) possible।‘ तीसरी बात-‘मेरा नाम ही वैभव ( Vaibbav) है, V से शुरू होता है और V से ही खत्म। V के मायने Victory यानी विजय..मुझे तो अपने संघर्ष में जीतना ही है, मेरी जीत तय है।’
आप पूछेंगे कि कौन है वैभव? तो हमारे लिए फिलहाल बहुत मुश्किल है तय करना कि उसके किस हुनर से उसकी शिनाख्त दें। बंदा वर्सेटाइल है.. लेखक है, गायक है, मॉडल है और टीटी खिलाड़ी भी। पूरा नाम वैभव जायसवाल है, इस साल उन्हें इंडियाज मोस्ट टेलेंटेड मॉडल के खिताब से नवाजा गया है। अपने हर ख्वाब का पीछा करना उनकी आदत है और इस आदत ने उन्हे उस मुकाम पर ला दिया है, जहां से कई मंजिलों के रास्ते निकलते हैं और हर मंजिल बस कुछ कदम की दूरी पर है। और, ऊपर जो तीन वाक्य या बातें बताई हैं ना…, वे वैभव के लिए जीवन का मूल मंत्र हैं। इनकी बदौलत वे महज 20 साल की उम्र मे एक नॉवेल लिख चुके हैं-द रियल्टी ऑफ ट्रु लव।
मूल रूप से भोपाल के रहने वाले वैभव इन दिनों दिल्ली यूनीवर्सिटी के रामलाल आनंद कालेज से बीकॉम कर रहे हैं। वैभव के पिता श्री रजनीश जायसवाल रेलवे में लोको पायलट हैं, मां श्रीमती शारदा जायसवाल गृहणी हैं। शिवहरे वाणी से बातचीत में वैभव ने बताया कि बुरहानपुर में मैक्रोविजन एकेडमी में पढ़ने के दौरान उनके जीवन मे परिवर्तन आया। वहां पहुंचकर पता लगा कि दुनिया मे कितना कंप्टीशन है और इसमे अपनी पहचान बनाने के लिए कुछ अलग करना जरूरी है। वह कहते हैं कि ऊपरवाले ने हम सबको किसी न किसी कला से नवाजा है..मैंने उस कला को अपने अंदर तलाशने की कोशिश की। उस दौरान स्कूल में एक सिंगिंग कंप्टीशन में पहली बार पार्टिसिपेट किया और मैनेजमेंट इतना प्रभावित हुआ कि स्कूल में प्रेयर कराने की जिम्मेदारी उन्हें ही दे दी। तब वैभव को अपने एक हुनर के बारे में पता चला कि वह गा भी सकता है।
स्कूल में ही वैभव ने रोंडा बायर्न ( Rhonda Byrne) की नॉवेल ‘सीक्रेट’ पढ़ी। इस नॉवेल का सार यह था कि हम आज अपने जीवन में जहां कहीं भी हैं, जिस भी मुकाम पर हैं, अपने विचारों की वजह से हैं। नॉवेल के कथ्य, कथानक ने वैभव को प्रभावित किया और उसने सोचा कि क्यों न इस फिक्शन नॉवेल को अपने स्टाइल में लिखा जाए। वैभव ने नॉवेल लिखना शुरू किया और यह काम जैसे-जैसे आगे बढ़ता गया, वह एक मौलिक रचना लगने लगी। और अब जैसा कि वैभव कहते हैं कि नॉवेल पूरी तरह मौलिक कृति हो गई है। इसका नाम रखा है-रियलिटी ऑफ ट्रु लव। लेकिन इसे अभी प्रकाशित नहीं कराया है। दरअसल वैभव इस नॉवेल को अच्छा स्टार्टअप देना चाहते हैं। लिहाजा इसके प्रमोशन जरूरी हैं। नॉवेल के 12 पार्ट हैं औऱ वैभव की योजना है कि 12 गाने तैयार करके कंपोज किए जाएं, जिसमें हर गाना नॉवेल के एक पार्ट के कथ्य को परिभाषित करे। उन्होंने एक गाना तैयार भी कर लिया है, जिसकी कंपोजिशन भी उन्हीं की है। एक बड़ी म्यूजिक कंपनी से वैभव की बात चल रही है जो इन गानों को एक-एक करके यूट्यूब और अन्य मंचों पर रिलीज करेगी। तीन साल बाद वह नॉवेल प्रकाशित कराएंगे।
‘नॉवेल में क्या है ट्रु लव की रियलिटी?’ इस सवाल पर वैभव बताते हैं, ‘प्यार की कोई मंजिल नहीं होती. प्यार का पहला शब्द ही अधूरा है। मगर यह एक ऐसी ताकत है जो दुश्मनों को भी दोस्त बना देती है।‘ वैभव यूं तो राजनीति में कोई खास रुचि नहीं रखते लेकिन एबीवीपी ने कला के प्रति रुचि को देखते हुए इस बार डीयू छात्रसंघ चुनाव में कल्चरल प्रेसिडेंट के पद के लिए अपना प्रत्याशी बना दिया हैं।
आपका आदर्श कौन है? इस सवाल पर वैभव स्मार्ट तरीके से जवाब देते हैं कि राजनीति में पीएम नरेंद्र मोदी क्योंकि उन्होंने हमें बताया कि एक्ट नहीं, एक्शन की जरूरत है। वह दुनिया के अकेले व्यक्ति है जिसने रातोंरात देश की करेंसी बदल दी हो। मॉडलिंग में सुष्मिता सेन आदर्श हैं, वो देश की पहली महिला हैं जिन्होने मिस यूनीवर्स का खिताब जीता। म्यूजिक में एआर रहमान आदर्श हैं, जिनके विचार की ताकत का अहसास दुनिया को कराया.. जब पूरी दुनिया सो जाती है, तब रहमान शुरू करते हैं। रात के एक बजे से सुबह छह बजे तक म्यूजिक में रहते हैं और नया-नया गढ़ते जा रहे हैं। लेखन में बेशक रोंडा बायर्न ही आदर्श हैं।
‘सबसे यादगार क्षण?’ इस सवाल पर वैभव कहते हैं, ‘बीती सात अगस्त को कलचुरि सेना और जागृति महिला मंडल के वार्षिक समारोह में कलचुरि गौरव से सम्मानित किया जाना। यह सम्मान प्राप्त करने वाला मैं अब तक के सबसे कम उम्र का व्यक्ति हूं। इसके अलावा मुंबई में इंडियाज मोस्ट टेलेंटेड मॉडल का खिताब जीतने के बाद जब भोपाल लौटा तो मेरे कलचुरि समाज के लोगों ने मेरा जोरदार स्वागत किया, उससे भी मैं अभिभूत हूं…वे क्षण मेरे लिए यादगार हैं।‘
‘मंजिल क्या है आपकी?’ इस सवाल पर वैभव का जवाब है कि अभी किसी डेस्टिनेशन पर पहुंचा नहीं हूं। हमेशा कुछ नया करने की चाहत है। अपने मन का कर सकूं यही मेरा ख्वाब है, यही मंजिल है।
