by Som Sahu October 23, 2017 घटनाक्रम 203
आगरा में पहली बार आयोजन, सीहोर में चल समारोह की धूम, झांसी में साप्ताहिक आयोजन
बिहार, झारखंड, राजस्थान समेत लगभग सभी राज्यों में आयोजनों की तैयारियां
कहीं आदर्श विवाह, तो कहीं परिचय सम्मेलन, महिलाओं और बच्चों की स्पर्धाएं भी
लगभग पूरे देश में कलचुरी समाज अपने ईष्टदेव भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन की जयंती मनाने तैयारियों में जुटा है। कई जगह तो महोत्सव शुरू भी हो चुके हैं। इस बार जयंती समारोह को लेकर जिस तरह का उत्साह और उमंग समाजबंधुओं में दिखाई दे रही है, वैसा पहले शायह दी देखा गया हो। बात चाहें आगरा की हो या सिहोर की, हर कहीं सहस्त्रबाहु जयंती को लेकर समाज उत्साहित है।
यूपी के आगरा में इस बार पहली दफा सहस्त्रबाहु जयंती मनाने की तैयारी चल रही है। आगरा में शिवहरे कलचुरी समाज की प्रधानता है। यहां शिवहरे समाज की दो बेहतरीन धरोहरें भी हैं, मंदिर श्री दाऊजी महाराज और मंदिर श्री राधाकृष्ण। लेकिन, यहां पहली बार सहस्त्रबाहु जयंती समारोह आयोजित किया जा रहा है मंदिर श्री दाऊजी महाराज प्रबंध समिति की पहल पर। ये अलग बात है कि पहला आयोजन होने के कारण इसे सीमित मगर शैक्षणिक रखा गया है। आगरा में सदरभट्टी स्थित मंदिर श्री दाऊजी महाराज में 27 अक्टूबर को सुबह 9 बजे भगवान सहस्त्रबाहुजी की पूजा अर्चना के बाद एक घंटे की संगोष्ठी रखी गई है जिसमे भगवान सहस्त्रबाहु की महिमा से लोगों को परिचित कराया जाएगा। इसके बाद स्वल्पाहार होगा। खास बात यह है कि आयोजन के लिए भगवान सहस्त्रबाहु की छह फुट की तस्वीर बनवाई जा रही है। इसके अलावा शिवहरे महिला समिति ने भगवान सहस्त्रबाहु जयंती के उपलक्ष्य में 25 अक्टूबर को निर्धनों को भोजन कराने का आयोजन किया है।
वहीं भोपाल के निकट छोटे से शहर सीहोर में इन दिनों अलग ही नजारा है। शहरभर में सहस्त्रबाहु जयंती महोत्सव के होर्डिंग बैनर लग गए हैं। खास बात यह है कि पहली बार चल समारोह यानी शोभायात्रा निकालने का निर्णय लिया गया जिसकी जिम्मेदारी पिछली बैठक में अखिलेश राय को दी गई। अब तक यहां कभी चल समारोह नहीं हुआ। इस बार समाज से संबंधित सभी समितियां चल समारोह की सफलता के लिए बराबर से जुटी हुई हैं। समाज के वरिष्ठजनों और प्रतिभाओं को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
यूपी के झांसी में सहस्त्रबाहु जयंती पर साप्ताहिक आयोजन किया है जिसमें सभी आयु वर्गों की महिलाएं, पुरुष और बच्चे भाग लेंगे। 1 नवंबर को मुख्य कार्यक्रम आदर्श सामूहिक विवाह के रूप में होगा। इसी पुरस्कार भी वितरित किए जाएंगे।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 27 अक्टूबर को करीब पांच अलग-अलग समारोह हो रहे हैं। होशंगाबाद में दो दिवसीय समारोह रखा गया है। 26 अक्टूबर को विभिन्न कार्यक्रम होंगे। 27 अक्टूबर को शोभायात्रा निकाली जाएगी। समाज का महिला मंडल 27 को होने वाले मुख्य समारोह मे बड़ी संख्या में शिरकत करने के साथ ही 28 अक्टूबर को महिलाओं के लिए विशेष कार्यक्रम रहेगी। छिंदवाड़ा में 17 अक्टूबर को सहस्त्रबाहु जयंती समारोह में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। साथ ही राम मंदिर हाल परासिया मे युवक-युवती परिचय सम्मेलन का आयोजन भी किया गया है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में रंगोली मेहंदी तथा अन्य कार्यक्रम होगें। जयंती पर समाज के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जायेगा। बोर्ड परीक्षा कक्षा दसवीं बाहरवीं में उच्च अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को समाज की ओर से सम्मानित किया जाएगा।
बैतूल के मंगल भवन टिकारी में 27 अक्टूबर को जयंती समारोह किया जाएगा। दमोह और इटारसी में 22 अक्टूबर से छह दिवसीय आयोजनों की श्रृंखला शुरू हो चुकी है। दोनों जगह 27 अक्टूबर को मुख्य कार्यक्रम होगा। सागर में 27अक्टूबर को सहस्त्रबाहु जयंती पर रैली निकाली जाएगी और अगले दिन 28 अक्टूबर को युवक-युवती परिचय सम्मेलन होगा। मुरैना में 27 अक्टूबर को सुबह से विभिन्न कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे जिनमें महिलाओं और बच्चों की भागीदारी होगी। शाम को मुख्य समारोह होगा। मुरैना के ही बानमौर कस्बे में सहस्त्रबाहु अर्जुन जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी।
छत्तीसगढ़ में विभिन्न नगरों से जयंती समारोह मनाए जाने के समाचार मिल रहे हैं। मुख्य समारोह रायपुर के कलार-कलचुरी भवन में होगा। इस मौके पर मल्टीकलर डायरेक्टरी का विमोचन भी किया जाएगा। राजस्थान में मेवाड़ा कलाल समाज की ओर से विभिन्न कार्यक्रम किए जा रहे हैं। परतापुर के आसन मंदिर में 27 अक्टूबर को मुख्य कार्यक्रम होगा। इसके अलावा पूर्वी यूपी, बिहार, झारखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु तक में सहस्त्रबाहु जयंती समारोह की तैयारियां जोरों पर चलने खबरे हैं। उड़ीसा में पहली बार कालाहांडी जिले में जयंती समारोह किया जा रहा है।








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