January 30, 2026
शिवहरे वाणी, D-30, न्यू आगरा, आगरा-282005 [भारत]
समाचार

26 साल बाद…बिहार के पूर्व मंत्री बृजबिहारी प्रसाद की हत्या में मुन्ना शुक्ला और मंटू तिवारी को उम्रकैद; पूर्व सांसद रमा देवी के पति थे स्व. श्री बृजबिहारी प्रसाद

नई दिल्ली।
बिहार के पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की हत्या के मामले में 26 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व विधायक विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला और मंटू तिवारी को आजीवन कारावास की सुनाई है, जबकि पूर्व सांसद सूरजभान सिंह और राजन तिवारी समेत छह लोगों को बरी कर दिया है।
बता दें कि इस मामले में निचली अदालत ने 2009 में सभी आठों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसे विरोधी पक्ष ने पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 2014 में हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया था। इसके बाद स्व. श्री बृजबिहारी प्रसाद की धर्मपत्नी एवं पूर्व सांसद श्रीमती रमा देवी ने पटना हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना, संजय कुमार और आर महादेवन की बेंच ने बीते 21 और 22 अगस्त को इस मामले की सुनवाई पूरी कर ली थी। और आज 3 अक्टूबर को अपना फैसला सुनाया।
बृज बिहारी प्रसाद की बेटी रागिनी गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अन्य अभियुक्तों को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया है, लेकिन उन्हें निर्दोष नहीं समझा गया है। दोनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा धारा 302 और 307 के तहत दी गई है। रागिनी गुप्ता ने कहा कि आज देवी मां के आगमन का दिवस है, झूठ पर सच की विजय का दिन है। अन्य अभियुक्तों का इंसाफ मां दुर्गा अवश्य करेंगी। बता दें कि रागिनी गुप्ता सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता भी हैं।
बता दें कि बृज बिहारी प्रसाद लालू प्रसाद यादव की पार्टी के बड़े नेता थे। उनकी हत्या 13 जून 1998 को पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में हुई थी जहां उन्हें उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। उस समय वह बिहार सैन्य पुलिस के कमांडों के घिरे अपने वार्ड के बाहर टहल रहे थे, तभी कुछ बंदूकधारियों ने प्रसाद पर गोलियां चला दीं। इस हमले में तीन सुरक्षाकर्मियों की भी मौत हुई थी। प्रसाद के साथ उनके निजी अंगरक्षक लहमेश्वर शाह की भी मौके पर ही मौत हो गई थी। उनकी हत्या गैंगवार का नतीजा मानी जाती है। इस हत्याकांड में श्रीप्रकाश शुक्ला का नाम भी सामने आया था जो उस समय सूरजभान सिंह के गैंग में शूटर था। गाजियाबाद में उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने एक मुठभेड़ में उसे मार गिराया था।

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