आगरा।
स्व. श्री अतुल शिवहरे की द्वितीय पुण्यतिथि पर चार जुलाई को समर्पण ब्लड बैंक में लगने वाले रक्तदान शिविर की तैयारियां लगभग हो चुकी हैं। ‘शिवहरे समाज एकता परिषद’ ने इस बार शिविर में 75-80 यूनिट रक्त एकत्र करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसे हासिल करने के लिए पूरी टीम जोर-शोर से जुटी हुई है।

कार्यक्रम प्रभारी हिमांशु शिवहरे ने शिवहरेवाणी को बताया कि परिषद’ के सभी सदस्य एवं पदाधिकारी अपने परिचितों से निजी तौर पर संपर्क कर उन्हें रक्तदान के लिए प्रेरित कर रहे हैं, वहीं शिवहरे समाज के सामाजिक संगठनों के प्रमुखों औऱ संरक्षकों से भी बात कर उन्हें शिविर में आमंत्रित किया जा है। उन्होंने बताया कि इस बार रक्तदान के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था शुरू की गई है। ‘ऑनलाइन पंजीकरण’ प्रभारी कुशल गुप्ता ने बताया कि अब तक करीब 40 लोगों का पंजीकरण ऑनलाइन माध्यम से हो चुका है।

वैसे आपको बता दें कि हर कुछ सेकंड में, कहीं न कहीं किसी को रक्त चढ़ाने की ज़रूरत पड़ती है। आज भी समय से रक्त नहीं मिलने के कारण हजारों लोगों की जान चली जाती है। इसीलिए रक्तदान को महादान कहा गया है। लेकिन, यह भी पता होना चाहिए कि रक्तदान सिर्फ दूसरों की मदद करने के लिए नहीं होता, बल्कि रक्तदाता के अपने स्वास्थ्य के लिए भी यब बहुत मुफीद होता है। नीचे हम रक्तदान करने के स्वास्थ्य संबंधी लाभों की चर्चा कर कर रहे है, कृपया इन्हें ध्यान से पढ़ेः-
प्रत्येक दान के साथ एक निःशुल्क मिनी-स्वास्थ्य जांच: रक्तदान के बहाने रक्तदाता के स्वास्थ्य की मिनी-स्क्रीनिंग हो जाती है क्योंकि रक्तदान से पूर्व रक्तदाता की कुछ स्वास्थ्य जाचें की जाती हैं जैसे ब्लड प्रेशर, पल्स रेट, हीमोग्लोबिन लेवल, ब्लड ग्रुप आदि।
हृदय संबंधी लाभ: शोधों से पता चलता है कि नियमित रक्तदान करने वालों में स्ट्रोक का खतरा 88% तक कम हो जाता है। रक्तदान से रक्त की चिपचिपाहट और लौह स्तर कम होता है जिससे हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
जीवन शक्ति में सुधार: रक्तदान करने के 48 घंटों के भीतर आपका शरीर नई लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन शुरू कर देता है। स्पष्ट है कि नई रक्त कोशिकाएं अधिक स्वस्थ और जीवन शक्ति से भरपूर होती हैं।
चिकित्सीय लाभ: यदि आपको आनुवंशिक हीमोक्रोमैटोसिस है, तो नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए। क्योंकि, रक्तदान से रक्त में आयरन का स्तर कम हो जाता है। बता दें कि मोक्रोमैटोसिस एक रक्त विकार होता है जिसमें शरीर भोजन से अत्यधिक मात्रा में आयरन अवशोषित करने लगता है। अतिरिक्त आयरन शरीर के महत्वपूर्ण अंगों, जैसे लिवर, हृदय और अग्न्याशय में जमा हो जाता है और समय के साथ उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
मनोवैज्ञानिक लाभ: रक्तदान करने से आपका मूड बेहतर हो सकता है और आपको अंदर से अच्छा महसूस हो सकता है। यह आपके भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है। पनेपन की भावना प्रदान करता है और अवसाद से लड़ने में मदद करता है।
अपनेपन की भावना: नियमित दानदाता अक्सर अपने समुदायों के भीतर मजबूत संबंध विकसित करते हैं।
हमें यकीन है कि ऊपर रक्तदान के लाभ पढ़ने के बाद आप 4 जुलाई को रक्तदान शिविर अवश्य पहुंचेंगे, रक्तदान करना या न करना आपके स्वास्थ्य परीक्षण से तय होगा। बस इतना जरूर ध्यान रखें कि आप स्वयं को स्वस्थ महसूस कर रहे हैं, औऱ यदि नियमित रक्तदाता हैं तो अतिम रक्तदान कम से कम तीन महीने (90 दिन) पहले किया हो।














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