आगरा।
आगरा में शिवहरे समाज की प्रमुख धरोहर ‘दाऊजी मंदिर’ में इन दिनों श्रीमदभागवत कथा सप्ताह चल रहा है जिसमें युवा कथावाचक पंडित श्री आकाश मुदगल प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से सायं 6 बजे तक श्रीमदभागवत की रसमयी प्रस्तुति दे रहे हैं। नाई की मंडी निवासी श्री विकास गुप्ता (शिवहरे) अपनी धर्मपत्नी श्रीमती रेनू गुप्ता के साथ परीक्षित बने हैं। कथा आयोजक श्री आकाश गुप्ता, श्री शुभम गुप्ता एवं श्री रजत गुप्ता ने सभी समाजबंधुओं से कथा का श्रवण लाभ प्राप्त करने का अनुरोध किया है। आज 18 मार्च को कथा के चौथे दिन ’श्रीकृष्ण जन्म, नंदोत्सव और कृष्णलीला’ के सजीव वर्णन होंगे।

इससे पूर्व बीते रोज 17 मार्च को ‘समुद्र मंथन, बलिवामन चरित औऱ राम अवतार’ प्रसंगों का रोचक वर्णन किया गया। कथावाचक पं. श्री आकाश मुदगल ने बताया कि समुद्र मंथन की कथा दरअसल मन के मंथन की कथा है, औऱ मन का मंथन ही भक्ति का सच्चा मार्ग है। जिस प्रकार समुद्र मंथन में पहले विष निकला था, वैसे ही मन के मंथन में अर्थात भक्ति के मार्ग में जीव को पहले उपहास, निंदा रूपी जहर प्राप्त होता है। भक्त प्रह्लाद से लेकर मीराबाई तक को भी पहले निंदा और उपहास का सामना करना पड़ा था, लेकिन अंत में अमृत भी उन्हें ही मिला। नारायण पर भरोसा करने और निंदा-उपहास की परवाह किए बगैर की गई भक्ति ही जीव को अमृत प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि श्रीमदभागवत के श्रवण से मन में सच्ची भक्ति के भाव जागृत होते हैं और उसके कल्याण का मार्ग खुलता है। बता दें कि कथावाचक पं. श्री आकाश मुदगल दाऊजी मंदिर के पुजारी डॉ. रामदास आचार्य (रामू पंडितजी) के पुत्र हैं। श्री आकाश मुदगल नाकुछ आयु में ही विभिन्न मंचों पर श्रीमदभागवत कथा का वाचन कर चुके हैं।

कथा सप्ताह की व्यवस्थाएं संभाल रहे मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष श्री संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि 14 मार्च को कलश-यात्रा के साथ शुरू हुए श्रीमदभागवत सप्ताह में आज ’श्रीकृष्ण जन्म, नंदोत्सव और कृष्णलीला’ प्रसंगों में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूपों की झांकियां भी होंगी। उन्होंने सभी समाजबंधुओं से कथा के श्रवण का आनंद लेने का अनुरोध किया है।













