प्रथम पुण्य स्मरणः स्व. श्री नवल किशोर शिवहरे
प्रथम पुण्य स्मरण पिता स्वर्गः पिता धर्मः पिता परमकं तपः ।पितरि प्रीतिमापन्ने सर्वाः प्रीयन्ति देवताः ॥अर्थात् पिता स्वर्ग हैं, पिता धर्म हैं, पिता
प्रथम पुण्य स्मरण पिता स्वर्गः पिता धर्मः पिता परमकं तपः ।पितरि प्रीतिमापन्ने सर्वाः प्रीयन्ति देवताः ॥अर्थात् पिता स्वर्ग हैं, पिता धर्म हैं, पिता
पटना।बिहार में एमएलसी चुनाव के नतीजे आ गए हैं। नवनिर्वाचित 24 एमएलसी सदस्यों में तीन कलवार समाज से हैं। पूर्णिया से डा. दिलीप
सिलीगुड़ी (प.बंगाल)।अंतरराष्ट्रीय कलवार, कलार, कलाल एकता महाकुंभ में पूरे समाज को एकसूत्र में बांधने के लिए सहमति बनी है कि कलवार, कलार, कलाल
सिलीगुड़ी (प.बंगाल)।सिलीगुड़ी में अंतरराष्ट्रीय कलचुरी एकता महाकुंभ की पूर्वसंध्या पर आयोजित स्वागत एवं सम्मान समारोह में कलचुरी एकता की दिशा में एक बड़ी
सिलीगुड़ी (प.बंगाल)।आप यूं ही बनाते रहिये पहचान अपनी,हवाएं खुद ही तुम्हारा तराना गाएंगी।कलवार, कलार, कलाल समाज के वर्गों के बीच एकता के प्रयास
सिलीगुड़ी (प.बंगाल)।पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी शहर में अंतरराष्ट्रीय कलचुरी महाधिवेशन की पूर्व संध्या पर ही ‘कलचुरी महाकुंभ’ का माहौल बन गया है। यहां
शिवपुरी। शिवपुरी में हैहय वंशीय क्षत्रिय कलचुरी (शिवहरे, राय, जायसवाल) समाज की नवगठित कार्यकारिणी ने सामाजिक क्षेत्र में सेवा की जो मुहीम शुरू की
सिलीगुड़ी (प. बंगाल)/इंदौर। कलवार, कलार समाज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकजुट करने की जो पहल बीते दिनों काठमांडू (नेपाल) में हुई थी, उसी कड़ी
ग्वालियर।कलचुरी महासंघ ग्वालियर का होली मिलन समारोह धर्म, संगीत और नृत्य के रंगों से सराबोर रहा। बीती रात मिलन वाटिका में वृंदावन से
——-श्रद्धांजलि…….दुःख थे पर्वत, राई अम्माकभी हारी नहीं लड़ाई अम्मा।सभी पराये हो जाते हैंकभी होती नहीं पराई अम्मा।धार्मिक मगर जागरूक…, सबकी चिंता करने वाली