दिवाली एक..कारण अनेक…राम के त्योहार पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा क्यों? क्यों है दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक पर्व?
दिवाली एक ऐसा त्योहार है जो भारत की भिन्नता में एकता को दर्शाता है। माना जाता है कि कार्तिक मास की अमावस्या को
दिवाली एक ऐसा त्योहार है जो भारत की भिन्नता में एकता को दर्शाता है। माना जाता है कि कार्तिक मास की अमावस्या को
———–परिवार की ओर से शोक संदेश——–अत्यंत दुःख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि हमारे पूज्य श्री स्वतंत्र कुमार गुप्ता का स्वर्गवास
आगरा।आज दिवाली है। शाम को घर-घर में बुद्धि के दाता भगवान गणेश और धन की देवी माता लक्ष्मी की पूजा होनी है, जिससे
‘आपकी जितनी भी कमाई है, उसमें से 25 फीसदी हिस्से के छोड़कर ही अपनी बजटिंग कीजिए। दूसरे शब्दों में, व्यक्ति को अपनी कमाई
आगरा।नरक और स्वर्ग यूं तो कर्मों का प्रतिफल है। कुछ लोग नरक और स्वर्ग को कोरी कल्पना मानते हैं, उनका मानना है कि
आगरा।इस बार दिवाली की तिथि को लेकर अभूतपूर्व असमंजस की स्थिति है। काशी और अयोध्या में 31 अक्टूबर को दिवाली मनाए जाने की
आगरा।आगरा में शिवहरे समाज ने अपने आराध्य कलचुरी-वंशाधिपति भगवान सहस्रबाहु अर्जुन के जन्मोत्सव पर भव्य शोभायात्रा निकालने की तैयारी जोर-शोर से शुरू कर
———परिवार की ओर से संदेश———–अत्यंत दुःख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि हमारी पूज्य माताजी श्रीमती इमरती देवी (पत्नी स्व. श्री
वाराणसीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में एक कलचुरी परिवार की बहू रोशनी कुशल जायसवाल मुसीबत में है। रेप की धमकी देने
—————परिवार की ओर से शोक संदेश——————अत्यंत दुःख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि हमारे पूज्य पिताजी श्री राधारमन शिवहरे ‘रमन ठेकेदार’