‘मानव सेवा ही प्रभु-सेवा’ की मिसाल हैं रमीला कलाल; सड़कों पर बेसहारा भटकते मानसिक बीमारों को देती हैं ममता की छांव
सलुंबर (राजस्थान)।मैले-कुचैले, फटे-चीथड़े कपड़ों में कई-कई दिनों बिना नहाए, अपनी भूख-प्यास से बेखबर, बेखुदी की हालत में सड़कों पर भटकते मानसिक बीमारों को

