भीलवाड़ा।
महज 24 साल की उम्र में BRAINYWOOD नाम के अपने एजुकेशन स्टार्टअप से शिक्षा जगत में धूम मचाने वाले ध्रुव सुवालका ने दिल्ली सरकार के बाद अब गुजरात और राजस्थान की सरकारों के साथ भी एमओयू साइन कर लिए हैं। ध्रुव सुवालका राजस्थान के पांच हजार शिक्षकों और 50 हजार बच्चों को अपने ब्रेनीवुड एप के माध्यम से आसान लर्निंग टैक्नीक्स और मैमोरी स्किल्स की ट्रेनिंग देंगे। कलचुरी कलाल कलार समाज के लिए बड़ी खुशखबरी यह है कि ध्रुव सुवालका ने उन स्वजातीय बच्चों के लिए यह एप निःशुल्क उपलब्ध कराने का ऐलान किया है, जो अपनी पाठ्यपुस्तक की कठिन चीजों को समझने, सीखने और याद करने में दिक्कत महसूस करते हैं और कड़ी मेहनत के बाद भी परीक्षा में अच्छे अंक नहीं ला पाते।
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आपको बता दें कि राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी ध्रुव सुवालका के शिक्षा-मनोविज्ञान तकनीक आधारित एप BRAINYWOOD के माध्यम से आज देशभर के हजारों बच्चे अपने पाठ्यक्रम के कठिन से कठिन सवालों को याद रखने की बहुत आसान तकनीकी सीख रहे हैं, और स्कूली परीक्षाओं में शानदार अंकों से सफलता पा रहे हैं। ध्रुव ने दो वर्ष पूर्व यह एप लांच किया है और बहुत कम समय में ही इस स्टार्टअप ने गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड्स, एशिया रिकार्ड बुक और इंडिया वर्ल्ड रिकार्ड बुक में अपना नाम दर्ज कर लिया है। हाल ही में ध्रुव के ब्रेनीवुड को इंडियन अचीवर्स फोरम द्वारा 2021 का एक्सीलेंस इन एजुकेशन अवार्ड भी दिया गया। इस उपलब्धि के लिए बीते दिनों सालासर में राष्ट्रीय कलचुरी एकता महासंघ के अधिवेशन में भी ध्रुव सुवालका का विशेष अभिनंदन किया गया था।
ध्रुव सुवालका एमबीए (फाइनेंस) करने के बाद सीए फाइनल की तैयारी कर रहे हैं। ध्रुव भीलवाड़ा के प्रतिष्ठित चार्टर्ड एकाउंटेंट और उद्यमी रजनीश सुवालका एवं श्रीमती कल्पना सुवालका के पुत्र हैं। रजनीश सुवालका राष्ट्रीय कलचुरी एकता महासंघ के वरिष्ठ पदाधिकारी हैं और पूर्व में कलचुरी प्रोफेशनल फोरम का गठन कर अब तक कई सुशिक्षित स्वजातीय युवाओं को शानदार प्लेसमेंट दिला चुके हैं।
ध्रुव बताते हैं कि आज पेरेंट्स की सबसे बड़ी समस्या है बच्चों में मोबाइल की लत, जिससे वे अपनी पढ़ाई से डायवर्ट हो रहे हैं, और लगातार वीडियो देखने से उनके मस्तिष्क की स्वाभाविक क्षमता एवं तीव्रता भी प्रभावित हो रही है। नतीजा यह, कि उन्हें सवाल याद नहीं होते जिससे उनका रिजल्ट खराब रहता है। पेरेंट्स की इसी समस्या के समाधान के तौर पर ब्रेनीवुड को प्रस्तुत किया गया है। ब्रेनीवुड में वीडियोज के माध्यम से बच्चों को उन छोटी-छोटी व्यवहारिक तकनीकों से अवगत कराया गया है जो उनकी लर्निंग को आसान कर देती है, और वे बड़ी आसानी से कठिन से कठिन सवालों को याद कर सकते हैं।
ओटीटी प्लेटफार्म पर ब्रेनीवुड के छोटे-छोटे फार्मूले आज पेरेंट्स की हर मुश्किल का सबसे सुलभ समाधान बन गए हैं, जो बच्चों के लिए कठिन विषयों को भी बेहद आसान बनाकर पढ़ाई के प्रति उनमें रुचि जागृत कर रहे हैं। ध्रुव का कहना है कि ब्रेनीवुड शुरू करने का उद्देश्य अपनी तरह का पहला एडटेक एप्लीकेशन बनाना है जो पढ़ाई में लगने वाले समय, तनाव और माता-पिता के खर्च को कम करके बच्चों के परीक्षा परिणाम को बेहतर बनाए। साथ ही उन्हें पूर्ण समग्र विकास प्रदान करे। यह एप छात्रों के अध्य्यन के तनाव और दबाव को कम करता है और सीखने की वैज्ञानिक तकनीक प्रदान करता है। ध्रुव सुवालका ने बताया कि यदि स्वजातीय बच्चों के लिए ऐसे किसी लेक्चर या सेमीनार का आयोजन होता है तो वह निःशुल्क व सहर्ष इसके लिए तैयार हैं।
