शिवहरे वाणी नेटवर्क
वाराणसी।
वाराणसी की हर्षिता जायसवाल ने थाईलैंड में चल रही चौथी एशियन योग चैंपियनशिप में पहला अंतरराष्ट्रीय पदक हासिल किया है। काशी की योग क्वीन हर्षिता ने मयूरासन कर रजत पदक जीता है, स्वर्ण पदक थाईलैंड की हसीना के नाम रहा।

18 वर्षीय हर्षिता जायसवाल जाने-माने योग प्रशिक्षक प्रमोद चंद्र जायसवाल की पुत्री हैं। थाईलैंड में एशियन योग चैंपियनशिप के दूसरे दिन शनिवार को हर्षिता ने मयूरासन के छह आसन कर रजत पदक जीता। खास बात यह है कि इस स्पर्धा में भारत के खाते में यह पहला मैडल है।
हर्षिता की सफलता पर उनके पिता प्रमोद चंद्र और भाई शुभांग जायसवाल को बधाइयों के कॉल आ रहे हैं। वाराणसी के बसंत पीजी कालेज में बीए की छात्रा हर्षिता जायसवाल राष्ट्रीय स्तर की कई योग स्पर्धाओं में पदक जीत चुकी हैं।
हर्षिता ने बीते दिनों इंदौर में आयोजित नेशनल योग वर्कशॉप में उन्होंने गोल्ड मैडल हासिल किया था। यूपी स्टेट चैंपियनशिप में भी हर्षिता ने स्वर्ण पदक जीता। बीते दिनों जायसवाल सभा काशी की ओर से हर्षिता को योगासन में उनके श्रेष्ठ उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।
हर्षिता के पिता प्रमोद चंद्र ने बताया है कि थाईलैंड में चल रही एशियन योग चैंपियनशिप में भारत के 16 योग प्रशिक्षु भाग ले रहे हैं। यह पूरी तरह स्ववित्तपोषी स्पर्धा है यानी इसमें भाग लेने वाले योग प्रशिक्षु अपना खर्चा स्वयं वहन कर रहे हैं।
प्रत्येक प्रतिभागी या प्रशिक्षु ने इस स्पर्धा में भाग लेने के लिए 65 हजार 500 रुपये का भुगतान किया। हर्षिता जायसवाल को अपने बसंत पीजी कालेज से आर्थिक सहायता मिली जिससे वह इस स्पर्धा में भाग ले सकी है।
