शिवहरे वाणी नेटवर्क
आगरा।
चलिये आज का रविवार सेहत के नाम किये देते हैं। सदर भट्टी स्थित मंदिर श्री दाऊजी महाराज पहुंचें और करीब 350 रुपये तक के निःशुल्क हैल्थ चेकअप कराएं। दिल्ली के प्रसिद्ध मैक्स अस्पताल के प्रतिष्ठित चिकित्सकों की निःशुल्क राय लें सो अलग। आगरा में शिवहरे समाज की प्रमुख धरोहर मंदिर श्री दाऊजी महाराज परिसर में आज 7 जुलाई को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिवहरे युवाओं के संगठन श्रीराधे सेवा समिति की ओर से आयोजित इस शिविर में ब्लड प्रेशर, रेंडम ब्लड शुगर, वजन, ईसीजी, बीएमडी आदि की महत्वपूर्ण जांचें की जाएंगी। हाथ के हाथ रिपोर्ट मिलेगी जिसके आधार पर दिल्ली में साकेत स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के ह्रदय एवं हड्डी विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क परामर्श दी जाएगी। आपको करना बस इतना है कि किसी तरह सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच किसी भी समय दाऊजी मंदिर पहुंच जाए।
बता दें कि श्री राधे सेवा समिति द्वारा लगातार दूसरे वर्ष इस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है। गत वर्ष यह शिविर मंदिर श्री राधाकृष्ण में लगाया गया था। श्री राधे सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष श्री सुनील शिवहरे ने शिवहरे वाणी को बताया कि शिविर 7 जुलाई को प्रातः 10 बजे से शुरू होगा और दोपहर 2 बजे तक चलेगा। इसमें ब्लड प्रेशर, रैंडम ब्लड शुगर, बीएमडी, ईसीजी और वजन की जांचें निःशुल्क की जाएंगी। इन जांचों के साथ ह्रदय रोग एवं हड्डी रोग के विशेषज्ञ चिकित्सक निःशुल्क परामर्श भी देंगे। श्री सुनील शिवहरे ने बताया कि शिविर का लाभ लेने के इच्छुक समाजबंधु अपने चिकित्सकीय रिकार्ड जो भी उनके पास हैं, साथ जरूर लाएं ताकि उनकी समस्या का निदान करने में चिकित्सकों को सहूलियत हो।
महत्वपूर्ण हैं ये जांचें
ईसीजी (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफी)- ईसीजी से दिल की घड़कनों व उससे निकलने वाली विद्युत तरंगों के जरिये दिल की बीमारी का पता लगाया जाता है। ईसीजी जांच में दिल की धड़कन को विद्युत तरंगों के रूप में देखा जाता है। यह एक सामान्य और सुरक्षित जांच है, जो जांच केंद्र, अस्पताल, प्रयोगशाला पर भी की जा सकती है। आधुनिक तकनीक से की जानी वाली यह जांच इतनी कुशल है कि इसका परिणाम तुरंत ही मिल जाता है।
बीएमडी (बोन मिनरल डेंसिटी टेस्ट)- ऑस्टियोपोरोसिस की जांच के लिए बी.एम.डी टेस्ट कराया जाता है। डॉक्टरों का मानना है कि 40 साल की आयु के बाद हर तीन वर्ष में एक बार बोन डेंसिटी टेस्ट अवश्य कराना चाहिये। ऑस्टियोपोरोसिस का अर्थ अस्थिसुषिरता या हड्डियों के क्षरण से है। हमारी हड्डियां कैल्शियम, फॉस्फोरस और प्रोटीन के अलावा कई तरह के मिनरल्स से मिल कर बनी होती है। अनियमित जीवनशैली और बढ़ती उम्र के साथ-साथ ये मिनरल खत्म होने लगते हैं, जिससे हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है और वे घिसने और कमजोर होने लगती हैं। बीएमडी जांच से हड्डियों की इस क्षति का पता चलता है।
वजनः शरीर का वजन यदि तेजी से घट रहा है तो सतर्क हो जाने की जरूरत है। वहीं यदि वजन अधिक है तो ह्रदय की सेहत के लिए ठीक नहीं है। लिहाजा शरीर का वजन लेते रहना चाहिए। शरीर की अन्य जांचों के लेने वजन पर समस्या के मूल कारण तक पहुंचना भी आसान हो जाता है।
