शिवहरे वाणी नेटवर्क
गुरुग्राम।
हाल में बुल्गारिया से ट्रेनिंग लेकर लौटीं प्रतिभाशाली आइस फिगर स्कैटर गौरी राय का चयन आगामी 19 अगस्त को दक्षिण कोरिया में होने वाली अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए हो गया है। वह 10 वर्ष के आयुवर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। गौरी राय का चयन गुरुग्राम के एंबियेंस मॉल हुए 9 दिवसीय इंटरनेशनल आइस डांस डेवलपमेंट ट्रेनिंग कैंप के माध्यम से हुआ है। इसमें देशभर से 30 फिगर स्कैटर्स ने भाग लिया था।
शिविर में अमेरिका के जॉन रॉबिन्सन से ट्रेनिंग मिलने के बाद उम्मीद है कि गौरी राय को अब आने वाले दिनों में एशियाई ओपन फिगर स्केटिंग ट्रॉफी, स्केटिंग चैंपियनशिप, अमेरिका और रूप में होने वाली कई अन्य अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में भी भाग लेने का मौका मिलेगा। शिवहरे वाणी की महिला मामलों की सलाहकार संपादक श्रीमती रश्मि चौकसे राय की 10 वर्षीय पुत्री गौरी राय को महज दस वर्ष की उम्र में संगीत की धुन पर बर्फ पर फिसलते हुए स्कैटिंग करने का हुनर हासिल है। हाल ही में वह बुल्गारिया से ट्रेनिंग लेकर आई हैं। इस दौरान इन बुल्गारिया में भारत की राजदूत पूजा कपूर ने खास तौर पर गौरी राय और उनकी मां श्रीमती रश्मि चौकसे समेत अन्य खिलाड़ियों से मुलाकात की थी।

गुरुग्राम स्थित एनएसएफ इंटरनेशनल में डायरेक्टर फाइनेंस श्री प्रबोध कुमार राय सीए एवं श्रीमती रश्मि चौकसे राय की पुत्री गौरी राय थाईलैंड की राजधानी बैंकाक में हुए एशियन फिगर स्कैटिंग चैंपियनशिप में भाग ले चुकी हैं। नब हरियाणा ओलंपिक डे चैंपियनशिप में गोल्ड मैडलिस्ट है। साथ ही गुरुग्राम और दिल्ली-एनसीआर में विंटर ओलंपिक गेम्स, दिल्ली में नेशनल फिगर स्कैटिंग चैंपियनशिप, हरियाणी स्टेट फिगर स्कैटिंग चैंपियनशिप, हरियाणा स्पीड आइस स्कैटिंग चैंपियनशिप जैसी स्पर्धाओं में दो सिल्वर और दो ब्रांज मैडल जीत चुकी है। उसकी प्रतिभा का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि स्कैट्स व खेलों का सामान बनाने वाली कंपनी ओक्जेलो ने उसे अपना ब्रांड अंबेसडर तक बना दिया है। गुरुग्राम के मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा 4 की छात्रा गौरी राय ने हाल ही में एसओएफ इंटरनेशनल इंग्लिशओलंपियाड में जोनल स्तर पर उसने गोल्ड मैडल प्राप्त किया है।
गौरी राय के इस मुकाम तक पहुंचने में उसकी मां श्रीमती रश्मि चौकसे राय की खास भूमिका है। श्रीमती रश्मि चौकसे राय मूलतः से जबलपुर की हैं और माइक्रोबायोलॉजिस्ट हैं। वह रोहतक विश्वविद्यालय से संबद्ध एक कालेज मे प्रवक्ता रहीं, लेकिन बेटी की देखभाल के लिए अपनी जॉब छोड़ दी। हालांकि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ ही एबीवीपी और भाजपा के लिए अब भी काम करती रहती हैं। गुरुग्राम और फरीदाबाद मे वह रेडक्रास व आकृति जैसी संस्थाओं से जुड़कर समाजसेवा भी करती रही हैं। सामाजिक कार्यों में इतना सक्रिय रहने के बाद भी बेटी की प्रतिभा को निखारने में उन्होंने कभी कमी नहीं रखी। पढ़ाई मे अव्वल रहने वाली गौरी का सपना है कि वह फिगर स्कैटिंग में ओलंपिक जैसी स्पर्धाओं में देश का प्रतिनिधित्व करे और वहां मैडल जीतकर शान से तिरंगा उठाए।
