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ओपन चैलेंज साइसस्कैट…बर्फ पर गौरी राय की कलात्मक प्रस्तुतियों ने दिल जीता

शिवहरे वाणी नेटवर्क
गुरुग्राम।
ठंडे देशों का गेम ‘आइस स्कैटिंग’ भारत जैसे देशों में अपेक्षाकृत कम लोकप्रिय है लेकिन यहां प्रतिभाओं की कमी नहीं है। बीती 26 अप्रैल को गुरुग्राम के एंबियेंस मॉल में हुए आल इंडिया ओपन चैलेंज ‘आइसस्कैट’ में बच्चों के शानदार प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि प्रतिभाओं को यदि माता-पिता का पूर्ण सहयोग मिले तो उन्हें चैंपियन बनने से कोई नहीं रोक सकता। शिवहरे वाणी की महिला मामलों की संपादक श्रीमती रश्मि चौकसे राय की 10 वर्षीय पुत्री गौरी राय ने संगीत की धुन पर बर्फ पर फिसलते हुए अपने स्केटिंग कौशल, फुट-वर्क, मुद्राओं, जंप, फ्लेक्सिबिलिटी और स्पिन से सभी को अचंभित कर दिया। ट्रेनिंग की सीमित सुविधाओ के बीच अपनी लगन से गौरी ने आल इंडिया लेवल पर तीसरा पुरस्कार प्राप्त कर अपने परिजनों और समाज को गौरवान्वित किया है। 
आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सहयोग से हुई इस स्पर्धा में पूरे देश से विभिन्न आयु के 30 प्रतिभागियों ने विभिन्न आयु वर्गों में भाग लिया। गौरी राय को 10 वर्ष तक के आयु वर्ग में यह सफलता प्राप्त हुई है। जजेज ने गौरी की प्रतिभा की खुलकर सराहना की और उसमें आगे बढ़ने की असीम संभावनाओं को तस्दीक की। गुरुग्राम स्थित एनएसएफ इंटरनेशनल में डायरेक्टर फाइनेंस श्री प्रबोध कुमार राय सीए एवं श्रीमती रश्मि चौकसे राय की पुत्री गौरी राय थाईलैंड की राजधानी बैंकाक में हुए एशियन फिगर स्कैटिंग चैंपियनशिप में भाग ले चुकी हैं। नब हरियाणा ओलंपिक डे चैंपियनशिप में गोल्ड मैडलिस्ट है। 

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साथ ही गुरुग्राम और  दिल्ली-एनसीआर  में विंटर ओलंपिक गेम्स, दिल्ली में नेशनल फिगर स्कैटिंग चैंपियनशिप, हरियाणी स्टेट फिगर स्कैटिंग चैंपियनशिप, हरियाणा स्पीड आइस स्कैटिंग चैंपियनशिप जैसी स्पर्धाओं में दो सिल्वर और दो ब्रांज मैडल जीत चुकी है। उसकी प्रतिभा का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि स्कैट्स व खेलों का सामान बनाने वाली कंपनी ओक्जेलो  ने उसे अपना ब्रांड अंबेसडर तक बना दिया है। गुरुग्राम के मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा 4 की छात्रा गौरी राय ने हाल ही में एसओएफ इंटरनेशनल इंग्लिशओलंपियाड में जोनल स्तर पर उसने गोल्ड मैडल प्राप्त किया है। 
गौरी राय के इस मुकाम तक पहुंचने में उसकी मां श्रीमती रश्मि चौकसे राय की खास भूमिका है। श्रीमती रश्मि

चौकसे राय मूलतः से जबलपुर की हैं और माइक्रोबायोलॉजिस्ट हैं। वह रोहतक विश्वविद्यालय से संबद्ध एक कालेज मे प्रवक्ता रहीं, लेकिन बेटी की देखभाल के लिए अपनी जॉब छोड़ दी। हालांकि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ  के साथ ही एबीवीपी और भाजपा के लिए अब भी काम करती रहती हैं।  गुरुग्राम और फरीदाबाद मे वह रेडक्रास व आकृति जैसी संस्थाओं से जुड़कर समाजसेवा भी करती रही हैं। सामाजिक कार्यों में इतना सक्रिय रहने के बाद भी बेटी की प्रतिभा को निखारने में उन्होंने कभी कमी नहीं रखी। पढ़ाई मे अव्वल रहने वाली गौरी का सपना है कि वह फिगर स्कैटिंग में ओलंपिक जैसी स्पर्धाओं में देश का प्रतिनिधित्व करे और वहां मैडल जीतकर  शान से तिरंगा उठाए। 
 

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