तरदा (कोरबा)
यूं तो ‘कलवार, कलाल, कलार’ समाज के कई उपवर्ग हैं जो अलग-अलग उपनाम (सरनेम) लगाते हैं। इन्हीं उपनामों में एक कौशिक भी है और प्रतिष्ठित ‘ब्रैंडिस अवार्ड’ से सम्मानित वैज्ञानिक स्व. श्री पवन कौशिक भी कलवार ही थे। बीते दिनों स्वामी विवेकानंद के 160वें जन्मदिवस पर तरदा में एकात्म कलार युवा मंच द्वारा आयोजित ‘युवा महोत्सव-2023’ वैज्ञानिक पवन कौशिश की स्मृति में चौक और स्मारक का अनावरण किया गया।
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छत्तीसगढ़ में कोरबा जिले के गांव तरदा की धरती पर एक सामान्य कलार परिवार में जन्मे पवन कौशिश ने भारत सरकार के वन अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद में वैज्ञानिक के तौर पर विभिन्न पदों पर कार्य किया। लंबे समय तक पूर्वोत्तर राज्यों में तैनात रहे और इस दौरान पूर्वोत्तर के लाखों किसानों की आजीविका में गुणात्मक सुधार करने की दिशा में उन्होंने शानदार काम किया। भारत सरकार ने उन्हें ‘ब्रैंडिस अवार्ड’ से नवाजा था जो वानिकी में देश का सर्वोच्च सम्मान है। वह एकात्म कलार युवा मंच और चरामेति फाउंडेशन के संस्थापकों में थे। स्व. श्री पवन कौशिक अपनी जन्मभूमि तरदा में भी वृक्षारोपण और वानिकी के लिए चरामेति फाउंडेशन के माध्यम से कार्य कर रहे थे, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर उनके लिए जानलेवा हो गई। चरामेति फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रशांत महतो ने बताया कि अपने मार्गदर्शक स्व. श्री पवन कौशिक की स्मृति में तरदा चौक पर एक स्मारक का निर्माण युवा मंच के सहयोग से कराया गया है, जिसका अनावरण मुख्य अतिथि विधायक श्री ननकीराम कंवरजी तथा अन्य अतिथियों द्वारा किया गया। विधायक ननकीराम कंवरजी ने ‘चरामेति वृक्ष सेवा विश्व सेवा’ अभियान की सराहना करते हुए एक लाख वृक्षारोपण हेतु नदी किनारे फेंसिंग व अन्य व्यवस्था के लिए तीन लाख रुपये विधायक मद से देने की घोषणा की, ताकि वैज्ञानिक स्व. श्री पवन कौशिश के अधूरे सपने को साकार किया जा सके।
एकात्म कलार युवा मंच के सचिव किशन साव ने बताया किया कि उनकी संस्था ने स्वामी विवेकानंद का जन्मदिवस ‘युवा महोत्सव-2023’ के रूप में मनाया। कार्यक्रम में अतिथियों ने सामाजिक त्रैमासिक पत्रिका ‘एकात्म कलार संवाद’ का विमोचन भी किया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान सहस्रबाहु, भारत माता, स्वामी विवेकानंद, शीतला माता एवं महात्मा गांधी के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात “पुरखा के गोठ” का आयोजन हुआ जिसमें उपस्थित वरिष्ठ समाजजनों ने स्वामी विवेकानंद के विचारों के साथ समाज के अतीत एवं भविष्य की संभावनाओं पर परिचर्चा की। स्व. श्री पवन कौशिक जी के पिता श्री अमृत कौशिक जी का शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के सभी अतिथियों को पौधे के साथ भगवान सहस्रबाहु तथा स्वामी जी का चित्र स्मृति चिह्न भेंट किए गए। प्रसाद वितरण पश्चात चरामेति संस्थान के वृक्ष सेवा विश्व सेवा अभियान के अंतर्गत ग्राम तरदा के सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में अतिथियों ने पौधारोपण किया।
राज्य सूचना आयुक्त छत्तीसगढ़ धनवेन्द्र जायसवाल, पूर्व महापौर बिलासपुर एवं हैहय क्षत्रिय कलार समाज के प्रदेशाध्यक्ष उमाशंकर जायसवाल, राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड के चेयरमैन राधेश्याम जायसवाल, प्रगतिशील जायसवाल कलार समाज के अध्यक्ष देवकुमार कौशिक, सचिव महेंद्र कश्यप, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ राजीव सिंह, महामंत्री टिकेश्वर राठिया, ग्राम पंचायत तरदा के सरपंच सुनीता निर्मल मांझी, गांव के वरिष्ठ रामेश्वर कौशिक, फुलसाय पटेल, चतुर सिंह कंवर, समाज के वरिष्ठ रामनाथ पारासर दुर्गा प्रसाद महतो, निर्मल साव, नोहरसाय, बालगोविंद जायसवाल, शरद कौशिक, तुलसीराम जायसवाल, राकेश जायसवाल तथा युवा मंच के पुष्पेंद्र जायसवाल, नितेश कौशिक, गीतेंद्र जायसवाल, छवि कांत कौशिक, मनोज महतो, नरेंद्र कौशिक, अमित कौशिक, भरत जायसवाल, आशु कौशिक, रामलाल जायसवाल, कान्हा चौहान, मालिकराम राजवाड़े, राजू साहू, बसन्त कौशिक, रामखिलावन जायसवाल सहित भारी संख्या में युवा मंच के कार्यकर्ता, चरामेति फाउंडेशन के कार्यकर्ता, युवा समिति तरदा के कार्यकर्ता सहित गणमान्य नागरिक की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन निर्मल कौशिक जी ने किया, तथा आभार प्रदर्शन रथराम पटेल जी ने किया।
