शिवहरे वाणी नेटवर्क
झांसी।
यूं तो घूमने का कोई मौसम नहीं होता, जब दिल करे तब घूमना चाहिए। और, बात यदि तीर्थाटन की हो तो कहने ही क्या। मंदिरों तथा तीर्थों में घनीभूत ऊर्जा होती है। लोग इन जगहों पर जाने के बाद अपने आपको बहुत शांत, नई आशा से भरा हुआ तथा ऊर्जावान महसूस करते हैं। सामूहिक तीर्थाटन में ये लाभ दोगुने हो जाते हैं, साथ ही सामाजिक जुड़ाव मजबूत होने अतिरिक्त लाभ भी प्राप्त होता है। इसी इरादे से कलचुरी कलवार सयोजर्ववर्गीय समाज झांसी की ओर से कलचुरी धाम यात्रा का आयोजन किया गया है जो 18 अगस्त को रवाना होगी। तीर्थाटम के दौरान कई जगहों पर स्थानीय कलचुरी समाज यात्रा का स्वागत करेगा।
पहला पड़ावः ओंकारेश्वर (19 अगस्त)
कलचुरी कलवार सर्ववर्गीय समाज झांसी श्री सालिगराम राय ने शिवहरे वाणी को बताया कि कलचुरी समाज के 60 लोगों की यह यात्रा शनिवार 18 अगस्त की शाम 6 बजे दो एसी स्लीपर बसों से ओमकारेश्वर धाम के लिए प्रस्थान करेगी। अगले दिन रविवार 19 अगस्त को सुबह ओंकारेश्वर धाम पहुंचने जहां होटल श्री राधाकृष्ण में सभी यात्री विश्राम-स्नान और नाश्ते के बाद मंदिर के दर्शन करेंगे। होटल में लंच के बाद विश्राम और इवनिंग टी के बाद मंदिर और आसपास के रमणिक स्थलों के भ्रमण पश्चात पुनः होटल में लौटेंगे और डिनर के बाद रात्रि विश्राम भी वहीं करेंगे।
दूसरा पड़ावः महेश्वर व इंदौर (20 अगस्त)
अगले दिन सोमवार, 20 अगस्त की सुबह नाश्ते के बाद कलचुरी धाम कहे जाने वाले महेश्वर धाम के लिए प्रस्थान करेंगे। दोपहर तक महेश्वर धाम के दर्शन होंगे। महेश्वर में स्थित श्री राजराजेश्वर मंदिर में अखंड 11 दीपक ज्योति पुरातनकाल से प्रज्ज्वलित है। यह स्थल राजराजेश्वर श्री सहस्त्रबाहु अर्जुन के वंशज कलचुरी समाज के लिए तीर्थस्थल की मान्यता रखता है। यहां दर्शन के बाद सभी यात्री लंच करेंगे, और फिर यात्रा इंदौर के लिए प्रस्थान करेंगी। इंदौर में जवाहर मार्ग स्थित जायसवाल गेस्ट हाउस पहुंचकर थोड़ा विश्राम, नाश्ते के बाद सभी यात्री इंदौर में राजवाड़ा, सराफा बाजार, बड़ा गणपति मंदिर, अन्नापूर्णा माता का मंदिर, खजराना गणेश मंदिर, टीआई मॉल और सी21 मॉल का भ्रमण करेंगे। गेस्ट हाउस में ही डिनर और रात्रि विश्राम होगा।
तीसरा पड़ावः महाकाल, उज्जैन (21 अगस्त)
श्री सालिगराम राय के अनुसार, मंगलवार 21 अगस्त को यात्रा सुबह स्नान नाश्ते के बाद उज्जैन के लिए रवाना होगी, जहां सभी यात्री महाकाल के दर्शन कर लंच करेंगे और फिर कालभैरव के दर्शन करेंगे। शाम को नाश्ते के बाद यात्रा झांसी के लिए रवाना हो जाएगी। रास्ते में ही डिनर किया जाएगा। बुधवार 22 अगस्त की सुबह 6 बजे झांसी में यात्रा की वापसी हो जाएगी।
कलचुरी कलवार सर्ववर्गीय समाज झांसी के ह्रदेश राय, अवधेश शिवहरे, सालिगराम राय, भारतभूषण राय के प्रयासों से यात्रा का व्यवस्थित आयोजन संभव हो पाया है। खास बात यह है कि इस यात्रा की तैयारियां बीते चार माह से चल रही हैं, और भ्रमण स्थलों पर ठहरने व भोजन की सभी व्यवस्थाओं की बुकिंग पहले से कर दी गई है। सभी यात्रियों को भोजन, नाश्ते के कूपन दिए जाएंगे। इसका लाभ होगा कि कोई व्यक्ति किसी भी समय इन कूपनों से भोजन, नाश्ता या चाय प्राप्त कर सकता है।
