निष्काम भक्ति ही भगवान की कृपा प्राप्त करने का माध्यम
शिवहरे वाणी नेटवर्क
आगरा में शिवहरे समाज की धरोहर मंदिर श्रीराधाकृष्ण में चल रहे ‘संगीतमय श्रीमद भागवत सप्ताह ज्ञन-यज्ञ’ के छठवें दिन शुक्रवार को भागवत मर्मज्ञ पंडित अनिल शास्त्री चतुर्वेदी ने उद्धव-गोपी संवाद का मार्मिक व्याख्यान कर लोगों को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। पंडित अनिल शास्त्री ने कहा कि निष्काम भक्ति ही सर्वश्रेष्ठ और भगवान की कृपा प्राप्त करने का एकमात्र माध्यम है। इस अवसर पर कृष्ण-रुक्मिणी विवाह को साकार करते हुए मनोहर झांकी सजाई गई, जिसमें श्रीकृष्ण-रुक्मिणी का स्वयंवर मंच पर प्रस्तुत किया गया।

कथाव्यास पं. अनिल शास्त्री ने उपस्थित भागवत प्रेमियों पर अमृतवर्षा करते हुए उद्धव-गोपी संवाद सुनाया और कहा कि श्रीकृष्ण ने गोपियों को ज्ञान संदेश देने के लिए उद्धव जी को उनके पास भेजा था परंतु गोपियों के निष्काम प्रेम ने उन्हें जीत लिया। रुक्मिणी-श्रीकृष्ण विवाह में जहां महिलाओं ने विवाह गीत गाए, वहीं कन्यादान के रूप में कई वस्तुएं भेंट की। विवाह गीतों पर महिलाओं ने जमकर नृत्य किया। श्रीकृष्ण का रुप मंदिरप्रबंध समिति के महासचिव श्री मुकुंद शिवहरे की पुत्री सुश्री श्रेया शिवहरे ने तो रुक्मिणी का रूप मंदिरप्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री अऱविंद गुप्ता की पुत्री सुश्री कशिश गुप्ता ने धारण किया।
आज भागवत कथा में भाजपा महानगर अध्यक्ष श्री विजय शिवहरे, मंदिर प्रबंध समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक शिवहरे, उपाध्यक्ष रिषी शिवहरे, मंदिर प्रबंध समिति के सचिव एवं श्री राधेसेवा समिति के अध्य़क्ष धीरज शिवहरे , कोषाध्यक्ष कुलभूषण गुप्ता रामभाई, उपकोषाध्यक्ष रवि शिवहरे, मंदिर व्यवस्थापक जगदीश गुप्ता एवं राजेंद्र गुप्ता, शिवहरे समाज एकता परिषद के महासचिव अंकुर गुप्ता, मंदिर कार्यकारिणी सदस्य रमन गुप्ता, डा. अजय गुप्ता, मनोज शिवहरे, संजय शिवहरे, सोहन शिवहरे, बृजकिशोर गुप्ता, सुनील गुप्ता, अजय गुप्ता, अखिलेश शिवहरे, धीरज शिवहरे, सुशील गुप्ता, अनूप गुप्ता, अरुन, आशीष. नरेश, विनय, चंदन, तुषार, अजय, सरजू गुप्ता समेत बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे।












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