शिक्षा/करियर

सोलह साल की रिद्धिमा को अमेरिका ने दी पीएचडी उपाधि और स्कॉलरशिप

शिवहरे वाणी नेटवर्क
इटारसी
कक्षा दस की छात्रा रिद्धिमा जायसवाल ने महज सोलह साल की उम्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अमेरिका की अमेरिका  फिजियोलॉजिकल एसोसिएशन (एपीए) ने रिद्धिमा को साइकोलॉजी विषय में डाक्टरेट (पीएचडी) की मानद उपाधि प्रदान की है। 75000 रुपये के नगद पुरस्कार के साथ ही आगे की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति देने की घोषणा भी की है। अब रिद्धिमा अपनी आगे की पढ़ाई अमेरिका में कर सकती है जहां उसे छात्रवृत्ति दी जाएगी। हालांकि इसे लेकर रिद्धिमा और उसके पेरेंट्स ने अभी कोई फैसला नहीं किया है। 
जानकारी के मुताबिक, एपीए जोन पूरी दुनिया में ऑनलाइन टेस्ट के जरिये चुनींदा प्रतिभाशाली बच्चों का चयन करती है और उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करती है। इटारसी के सेंट जोजेफ कान्वेंट स्कूल की छात्रा रिद्धिमा ने शिवहरे वाणी को बताया कि साइकोलॉजी सब्जेक्ट अभी उसके सिलेबस का हिस्सा नहीं है और यह 11वीं कक्षा से पढ़ाया जाता है। लेकिन इस विषय के प्रति उसका विशेष लगाव है और इसके चलते उसने कक्षी छह से ही 11वीं और 12वीं कक्षा की साइकोलॉजी की पुस्तकें पढ़नी शुरू कर दीं। इसके बाद और भी कई किताबें पढ़ीं। दो साल पहले उसने एएफए की परीक्षा में पहली बार भाग लिया था। रिद्धिमा ने बताया कि यह पेपर तीन लेवल पर होता है और हर लेवल पर उसका परफार्मेंस अच्छा रहा। लिहाजा एपीए जोन ने उन्हें साइक्लोजिकल विषय में उसकी लगन और मेहनत को देखते हुए ही एएफए ने उन्हें पीएचडी की मानद उपाधि दी है। यानी अब एपीए जोन में रिद्धिमा का नाम डा. रिद्धिमा जायसवाल के तौर पर दर्ज हो गया है।
रिद्धिमा के पिता आशीष जायसवाल ने शिवहरे वाणी को बताया कि बेटी की सफलता ने उनका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। आशीष जायसवाल आबकारी के कारोबार से जुड़े हैं। रिद्धिमा की मम्मी श्रीमती भारती जायसवाल होममेकर हैं। रिद्धिमा की छोटी बहन अवनी जायसवाल कक्षा 4 की छात्रा है।

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