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यूं मिला सात साल का कुंदन शिवहरे, नाना बोले-थैंक्यु फेसबुक

शिवहरे वाणी नेटवर्क
सीतामढ़ी। 
सोशल मीडिया मौजूदा दौर में संचार का एक ऐसा माध्यम बन गया है, जो कदम-कदम पर अपनी उपयोगिता साबित कर रहा है। जो लोग ऐसा नहीं सोचते हैं, उन्हें सुरेंद्र शिवहरे से मिलना चाहिए जो फेसबुक का आभार जताते नहीं थक रहे हैं। फेसबुक ने उन्हें उनके सात साल के मासूम धेवते से मिलवा दिया। मजे की बात यह है कि 700 किलोमीटर दूर रह रहे बच्चे के मामा ने उसे सही ठिकाने पर पहुंचाया। वो कैसे, बताते हैं।
सीतामढ़ी के रहने वाले सुरेंद्र शिवहरे शहर में डीजे का काम करते हैं। उनकी बेटी का बेटा यानी धेवता कुंदन उनके परिवार के साथ ही रहता है। शुक्रवार की सुबह कुंदन खेलते खेलते घर से बाहर निकल गया था। कुछ देर बाद घरवालों को पता चला कि कुंदन घर पर नहीं है, तो उसे पड़ोस में तलाशा मगर वह नहीं मिला। उधर कुंदन भटकते हुए घर से दूर झझिहट चौक तक पहुंच गया। वहां कुंदन को रोते देख  रामचन्द्र मंडल नाम के व्यक्ति की नजर पड़ी। उन्होंने कुंदन से पूछने का प्रयास किया। सूचना पर स्थानीय पार्षद धर्मेंद्र पाठक भी वहां आ गए।  लेकिन कुंदन अपने नाम के अलावा कुछ बता नहीं पाया। वे लोग कुंदन को आधार काउंटर ले गए, जहां पता चला कि कुंदन का आधार कार्ड भी नहीं बना है। इसके बाद उसे थाने ले गए। 
इस बीच पार्षद धर्मेंद्र ने कुंदन की फोटो और उसके गुमशुदा होने की सूचना फेसबुक पर अपलोड कर दी। काफी देर बाद इस फेसबुक पोस्ट पर नजर पड़ी कुंदन के मामा की जो वहां से करीब सात सौ किलोमीटर दूर गाजियाबाद में रहते हैं। उन्होंने तुरंत मैसेज पर कमेंट कर बालक को अपना रिश्तेदार बताते हुए उसके परिजनों की जानकारी दी। इसके बाद वार्ड पार्षद एवं स्थानीय लोगो ने कुंदन के परिजनों से संपर्क किया। परिजन थाने पहुंचे और कुंदन को पहचानने के बाद घर ले गए। 
 

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