शिवहरे वाणी नेटवर्क
आगरा।
धर्म-कर्म के बहाने कुछ मौज-मस्ती हो जाए..या फिर मौज मस्ती के बहाने कुछ धर्म-कर्म हो जाए तो हर्ज क्या है। जीवन में ये दोनों काम साथ-साथ चलते ही रहने चाहिए। बटेश्वर में नजारा ऐसा ही होता है। जो लोग यहां प्राचीन शिव मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए आते हैं, वे यमुना तट के प्राकृतिक सौंदर्य में खो जाते हैं। और, जो लोग प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने जाते हैं, उन्हें यहां का आध्यात्मिक वातावरण आकर्षित करता है। शिवहरे महिला समिति की सदस्यों के साथ भी कुछ ऐसा ही रहा।
शिवहरे महिला समिति ने सोमवार को बटेश्वर तीर्थ की यात्रा का प्लान बनाया था। सुबह लग्जरी कोच बसे करीब 25 महिलाएं बटेश्वर के लिए रवाना हुईं। दोपहर को वहां पहुंचने पर सबसे पहले प्राचीन मंदिरों के दर्शन किए, पूजा अर्चना की। इसके बाद निर्धनों को भोजन के पैकेट वितरित किए। बटेश्वर जाने के इस मुख्य ध्येय को पूरा करने के बाद वहां के प्राकृतिक सौंदर्य में पिकनिक मनाई। नर्म धूप में यमुना के तट पर एक खुली जगह तलाशी और वहीं सबने भोजन किया। शाम को वहां से आगरा के लिए प्रस्थान किया। बटेश्वर जाने वाली महिलाओं में समिति की अध्यक्ष अर्चना शिवहरे अंजना, शोभा, शालिनी, राधा, पूजा, अर्चना, ममता, अंशु, चमन, रूबी, अन्नू, विनीता, सपना, मंजू, रेखा, निगम, निधि, सुचेता, पूजा, रचना इत्यादी शामिल थे। व्यवस्थाओं में सहयोग रवि शिवहरे का रहा।