नौतनवा (महराजगंज)।
नौतनवा के जाने-माने बिजनेसमैन और समाजसेवी श्री सुधाकर जायसवाल ने बीते 11 मार्च को अपना 52वां जन्मदिन इस तरह मनाया कि मिसाल बन गए। दरअशल सुधाकर जायसवाल ने अपने जन्मदिन पर दो ऐसे बच्चों का स्कूल में दाखिला कराया, जो परिवार की गरीबी के चलते शिक्षा से वंचित हो रहे थे। साथ ही दोनों बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का जिम्मा भी लिया है।

राइस मिल एवं साल्वेंट प्लांट कारोबारी श्री सुधाकर जायसवाल ने शिवहरेवाणी को बताया कि यह उनका अब तक के जीवन का सबसे अच्छा ‘बर्थडे सेलिब्रेशन’ था। उन्होंने बताया कि वह हर साल अपने परिवार के साथ जन्मदिन मनाते थे, लेकिन इस बार कुछ अच्छा करने का विचार था। उन्हें पता चला कि बिशुनपुरवा मोहल्ले में कई गरीब परिवारों के बच्चों शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। वह जन्मदिन की सुबह ही विशुनपुरवा पहुंच गए जहां 7 साल की बच्ची विमल और 5 साल का रीतेश उन्हें मिला जो शिक्षा से वंचित थे और उनके परिवार उन्हें स्कूल भेजने की स्थिति में नहीं थे। वह दोनों को तैयार कराकर अपनी गाड़ी से सरस्वती शिशु मंदिर ले गए जहां प्रधानाचार्य ब्रह्मानंद त्रिपाठी को अवगत कराते हुए उनका विधिवत दाखिला कराया। प्रधानाचार्य ने बच्चों की आय़ु के अनुसार विमल का एडमिशन कक्षा-1 में किया और रीतेश को एलकेजी में लिया। सुधाकर जायसवाल ने दोनों बच्चों की सालभर की फीस स्कूल कार्यालय में जमा की, उन्हें स्कूल बैग, कॉपी-किताबें, पेन-पेंसिल और ड्रेस उपलब्ध कराई। इस दौरान स्कूल के स्टाफ और बच्चों ने सुधाकर जायसवाल को जन्मदिन की बधाइयां दीं।
बच्चों को स्कूल छोड़कर सुधाकर जायसवाल घर लौटे तो पत्नी श्रीमती ज्योत्सना जायसवाल और उनकी दोनों बेटियों समेत पूरे परिवार ने बड़े गर्व से उनका स्वागत किया और बर्थडे विश दी। सुधाकर जायसवाल पहले भी इस तरह के नेक सामाजिक कार्य करते रहे हैं। नौतनवा के जाने-माने उद्योगपति रहे स्व. श्री लालचंद जायसवाल के पुत्र सुधाकर प्रमुख व्यापारिक संगठन ‘अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन’ के जिलाध्यक्ष हैं। उनके राइस मिल और साल्वेंट प्लांट हैं, कारोबार बलरामपुर और गोरखपुर तक विस्तृत है।
