जयपुर।
राजस्थान में कलाल समाज लंबे विरोध के बाद भी अपनी मातृशक्ति के लिए आपत्तिजनक शब्दों वाले गाने को बैन कराने में अब तक भले ही सफल नहीं हुआ, लेकिन बीते रोज पाली समेत कई जिलों में हुए समाज के जोरदार प्रदर्शन ने म्यूजिक इंडस्ट्री को खबरदार तो कर ही दिया है। प्रदर्शन के दो दिन बाद प्रतिष्ठित म्यूजिक कंपनी ‘टी सीरीज’ ने अपने एक गाने को यूट्यूब से हटा दिया जिसमें ‘कलालन’ शब्द का भद्दा और अपमानजनक प्रयोग किया था। कंपनी गाने में कलालन की जगह सखी-सहेली कर दिया है।
यह जानकारी चित्तौड़गढ के युवा सामाजिक कार्यकर्ता श्री दीपक जायसवाल ने शिवहरेवाणी को दी है। यह गाना राजस्थान के लोकप्रिय लोकगायक जलाल खां ने गाया है। गाने के बोल हैं,’तू कलालन मारी गली में मत आव मारे मनडे रो जीव डोले..’। इसी गाने में एक और लाइन है- ‘कलालन भर लाती प्यालो शराब के लिए..।’ कुछ दिन पहले टी-सीरीज ने इस गाने का वीडियो जारी किया तो दीपक जायसवाल ने इसके सिंगर जलाल खां से मोबाइल फोन पर बात की। उन्होंने जलाल खां को गाने के आपत्तिजनक बिंदुओं को इंगित करते हुए साफ कहा कि यदि इस गाने को यूट्यूब व अन्य प्लेटफार्म से तत्काल नहीं हटाया, तो कलाल समाज के आक्रोश का सामना करने के लिए तैयार रहें। इस पर सिंगर जलाल खां को यह अहसास होने में देर नहीं लगी कि अनजाने में ही उनसे एक समाज की नारी शक्ति का अपमान हो गया है। उन्होंने इसे गंभीर गलती मानते हुए गाने के आपत्तिजनक बोल बदलने का भरोसा उन्हें दिया।

इसके बाद दीपक जायसवाल ने टी-सीरीज की प्रबंधक सारिका जिंदल से भी बात की। सारिका जिंदल ने बताया कि इस बारे में सिंगर जलाल खां ने उन्हें अवगत करा दिया है, और उन्हें भी लगता है कि अनजाने में हमसे गलती हो गई है, और इसीलिए इस वीडियो को यूट्यूब से तत्काल हटा दिया है। अब गाने में ‘कलालन’ की जगह ‘सखी सहेली’ शब्द का प्रयोग कर जल्द ही इस गाने को दुबारा रिलीज किया जाएगा। दीपक जायसवाल ने उन्हें बताया कि बीते रोज ही ऐसे ही एक गाने के खिलाफ पाली समेत कई जगह कलाल समाज ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किए हैं। दीपक जायसवाल ने सारिका जिंदल से हुई बातचीत को रिकार्ड कर इसे व्हाट्सएप के कुछ सामाजिक ग्रुपों में साझा किया तो लोगों के सामने यह मामला आया।
कलाल धर्मशाला पुष्कर के अध्यक्ष श्री सत्यनारायण मेवाड़ा ने दीपक जायसवाल के प्रयास की सराहना करते हुए कहा है कि इसी तरह समाज का हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी को समझकर अपने स्तर से प्रयास करे तो भी सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने श्री दीपक जायसवाल से कहा कि विवादित गाने ‘ढक्कन खोल दे कलाली थारी बोतल की दारूड़ौ पिला दे..’ गाने के बारे में भी अहम जानकारी एकत्र करें। इस गाने को किसने गाया है, किसने लिखा और कंपनी ने इसे बनाया, इन सबकी जानकारी मोबाइल नंबर सहित प्राप्त करें, ताकि समाज के सभी संगठनों के लोगो इन सबसे मोबाइल फोन पर बात कर इस गाने को बंद करने का विनम्र अनुरोध करें। बता दें कि इस गाने को हटाने के लिए पाली, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, अजमेर, जयपुर, कोटा, बांसवाड़ा आदि जिलों में भी कलाल समाजबंधुओं ने प्रदर्शन किए और ज्ञापन सौपे थे।