शिवपुरी।
शिवपुरी के कलचुरी महिला मंडल ने बुद्धि के स्वामी, विद्या, लेखनी और कला के अधिपति भगवान श्रीगणेश के आगमन का उत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया। कलचुरी महिलाओं ने भगवान गणपति के समक्ष गीत, संगीत, भजन-कीर्तन के साथ ही मूर्ति कला का अदभुत प्रदर्शन किया। महिलाओं ने पंडाल में ही सीमित संसाधनों से गणेशजी की एक से बढ़कर एक खूबसूरत प्रतिमाएं बनाईं। इस स्पर्धा में रश्मि शिवहरे की बनाई गणेश प्रतिमा को सर्वश्रेष्ठ चुना गया।
कलचुरी महिला मंडल ने शिवपुरी के गायत्री पार्क में बीते रोज गणेशोत्सव का आयोजन किया जिसमें संस्था की सभी सदस्यों ने श्रद्धा भाव के साथ बढ़-चढ़कर भागीदारी की। उत्सव का शुभारंभ भगवान श्री गणेश की पूजा अर्चना से हुआ, जिसके उपरांत महिलाओं ने संगीतमय भजन-कीर्तन की प्रस्तुति दी। महिलाओं ने भगवान गणेश के प्रति श्रद्धाभाव से ओत-प्रोत भजन गाए और भजनों की धुन पर नृत्य भी किया। भक्तिभाव की ऐसी संगीतमय धारा प्रवाहित हुई कि संपूर्ण गायत्री पार्क गणेशमय हो गया।
इस दौरान मूर्ति-कला की स्पर्धा भी आयोजित की गई जिसमें कलचुरी महिला मंडल की सदस्यों ने पंडाल में ही एक से बढ़कर एक सुंदर मनमोहक गणेशजी बनाए। किसी ने आटे के गणेशजी बनाए तो किसी ने नारियल के खोल से गणेशजी तैयार किए। किसी ने पीपल के पांच पत्तों को कागज की शीट पर इस तरतीब से जोड़ा कि गणेशजी की आकृति उभर आई। टमाटर, पेपर, और भी कई ऐसी चीजों से गणेशजी की प्रतिमा बनाई कि स्वयं भगवान श्रीगणेश भी कलचुरी महिलाओं की कल्पनाशीलता, सौंदर्यबोध, आस्था और सृजनशीलता का कायल हो गए होंगे।
संस्था की अध्यक्ष श्रीमती मीना चौकसे और श्रीमती ललिता शिवहरे की ज्यूरी द्वारा श्रीमती रश्मि शिवहरे की कृति को अव्वल चुना गया। हिमांशी चौकसे द्वितीय और रेखा शिवहरे तीसरे स्थान पर रहीं। इसके अलावा बड़वानी कला की जानी-मानी आर्टिस्ट श्रीमती वंदना जायसवाल शिवहरे के गणेशजी को सभी ने सराहा। संस्था की उपाध्यक्ष श्रीमती पिंकल शिवहरे की ओर से सभी विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर संस्था की संरक्षक शकुन शिवहहरे, सचिव ज्योति चौकसे, कोषाध्यक्ष कीर्ति शिवहरे, संगठन मंत्री रेखा राय, सुनीता शिवहरे, निहारिका शिवहरे, ममता शिवहरे, भावना शिवहरे, महेश्वरी, मंजू आदि उपस्थित रहे|
