August 4, 2026
शिवहरे वाणी, D-30, न्यू आगरा, आगरा-282005 [भारत]
शिक्षा/करियर

आज की दुर्गाः पुरुषों के वर्चस्व वाले क्षेत्र में प्रियंका जायसवाल ने नारी शक्ति की धाक जमाई, योगी आदित्यनाथ ने किया सम्मानित

शारदीय नवरात्रि आप सभी को शुभ हो। यह नारी शक्ति के आदर और सम्मान का उत्सव है। जिस तरह नवरात्रि में हम मातृशक्ति के स्वरूपों की पूजा करते हैं, उसी तरह नारी के गुणों का सम्मान भी करना चाहिए। नवरात्रि के शुभ अवसर हम आने वाले नौ दिनों में समाज की उन नौ महिलाओं के बारे में बताएंगे जिन्होंने पुरुषों के वर्चस्व वाले क्षेत्रों में न केवल प्रवेश किया, बल्कि शीर्ष पर पहुंचकर नारी शक्ति को प्रतिष्ठित किया। इस कड़ी में हम सबसे पहले बताने जा रहे हैं गोरखपुर की सुश्री प्रियंका जायसवाल के बारे में। 

बीटेक शिक्षित सुश्री प्रियंका जायसवाल ने आकर्षक सरकारी नौकरी छोड़कर बीमा क्षेत्र में प्रवेश किया, जिसमें महिलाओं की उपस्थिति बहुत नगण्य है। लेकिन, बीमा अभिकर्ता के रूप में उन्होंने इतना शानदार काम किया, कि  उन्हें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का सर्वश्रेष्ठ बीमा अभिकर्ता चुना गया जिसके लिए राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने उन्हें बीमा योद्धा सम्मान से नवाजा। कोरोना काल में किए गए कार्यों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हंे मुख्यमंत्री कोरोना योद्धा पुरस्कार प्रदान किया।

गोरखपुर के शाहपुर गीता वाटिका निवासी श्री प्रियव्रत जायसवाल और श्रीमती अनीता जायसवाल की पुत्री सुश्री प्रियंका जायसवाल ने शहर के ही कार्मल गर्ल्स इंटर कालेज से इंटरमीडियेट करने के बाद सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग (सीपेट) से बीटेक की डिग्री ली। फिर गुरुग्राम में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में अच्छे पैकेज पर काम भी किया। लेकिन, प्रियंका इससे संतुष्ट नही थीं और कुछ अलग करना चाहती थीं। इसी के चलते उन्होंने बीटीसी भी कर ली, जिसके आधार पर उन्हें प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापिका की नौकरी मिल गई। कुछ दिन उन्होंने टीचर की सरकारी नौकरी की लेकिन यहां से भी मन उचट गया और, उन्होंने यह नौकरी भी छोड़कर बीमा अभिकर्ता बनने की ठानी। 

प्रियंका का यह निर्णय घरवालों और मित्रों को बड़ा अटपटा लगा लेकिन उनके तमाम विरोध के बाद भी प्रियंका अपने फैसले पर अडिग रहीं। और, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में बीमा अभिकर्ता के रूप में प्रियंका ने एक के बाद कई उपलब्धियां हासिल कर अपने फैसले को सही साबित कर दिया। प्रियंका ने कोरोना के चलते मंद पड़े बाजार के बावजूद एक-एक दिन में 50-60 बीमे कर सभी को अचंभित  कर दिया । प्रियंका ने बीमा अभिकर्ता के रूप में जो नाम और धन कमाया, वह बहुराष्ट्रीय कंपनी की आकर्षक नौकरी में शायद नहीं हो पाता। प्रियंका कहती है कि कोई काम छोटा नहीं होता, आपकी मेहनत और उपलब्धियां आपके काम को बड़ा बना देती है।

 

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