April 21, 2026
शिवहरे वाणी, D-30, न्यू आगरा, आगरा-282005 [भारत]
समाचार

अनदेखी या मनमानी? अवैध निर्माण का शिकार होता दाऊजी मंदिर; एक साधारण भवन बनकर न रह जाए असाधारण धरोहर; अपनी जिम्मेदारी समझे प्रबंध समिति

आगरा।
आगरा में सदरभट्टी स्थित दाऊजी मंदिर जैसी गौरवशाली धरोहर वर्तमान में अपने ही लोगों की अनदेखी और मनमानी का शिकार हो रही है। यह सिलसिला जारी रहा तो बहुत जल्द शिवहरे समाज की यह ‘असाधरण धरोहर’ महज एक साधारण निर्माण बनकर रह जाएगी।
इस बार मामला मंदिर के बाहरी स्वरूप के साथ छेड़छाड़ का है, जिसके बारे में समाज के कुछ जागरूक बंधुओं ने शिवहरेवाणी को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मार्केट के दो दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर दोनों तरफ ईंटों की दीवारें खड़ी कर उसके ऊपर आरसीसी की पक्की छत डाल दी है। शिवहरेवाणी ने जब मौके पर जाकर देखा तो पता चला कि बात केवल इतनी नहीं है। मंदिर के बाहरी स्वरूप को एकरूपता प्रदान करने वाली एक-डेढ़ फुट चौड़ी छजली, जो खूबसूरत चिड़िया की आकृति में उकेरे पत्थरों पर टिकी है, को भी इन दुकानदारों ने अपने अवैध निर्माण के अंदर ले लिया है।
इस संबंध में शिवहरेवाणी ने जब दुकानदार श्री सर्वेश शिवहरे से बात की तो उनका जवाब धरोहर के प्रति उनकी संवेदनहीनता, निष्ठुरता और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को प्रदर्शित करने वाला था। श्री सर्वेश शिवहरे ने बताया कि ‘पहले उन्होंने दुकान के दोनों ओर लोहे की टिन के पार्टिशन खड़े किए हुए थे और उसके ऊपर टिन-शेड डाल रखा था। अब वह स्ट्रक्चर गल गया, टिन-शेड से पानी भी टपकने लगा था, इसीलिए उन्होंने पक्का निर्माण कराकर झंझट ही खत्म कर दिया।‘ अवैध निर्माण कराने वाली दूसरी दुकान श्री संजय शिवहरे की है जो श्री सर्वेश शिवहरे के भाई हैं। दोनों दुकानें आपस में मिली हुई हैं।
अब सवाल उठता है कि जब यह निर्माण हो रहा था, तब मंदिर कमेटी क्या कर रही थी? कमेटी से इस प्रकार की अनदेखी औऱ लापरवाही की अपेक्षा नहीं की जा सकती, क्योंकि इसके कुछ प्रमुख पदाधिकारी लगभग प्रतिदिन मंदिर आते हैं, और उनका कार्यस्थल भी मंदिर के आसपास ही है। सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में मंदिर कमेटी की किसी भी मीटिंग में ऐसा कोई प्रस्ताव पारित नहीं कराया गया है।
इस अवैध निर्माण के बाद मंदिर के भविष्य की तस्वीर सचमुच बहुत भयावह लगती है। मंदिर के मार्केट में शिवहरे समाज के अलावा अन्य समाज के लोगों की भी दुकानें हैं जो अब देखा-देखी अपनी-अपनी दुकानों के बाहर दीवारें खड़ी कर उन पर छत डालने लगेंगे। इस तरह अवैध निर्माण का ऐसा सिलसिला शुरू हो जाएगा जो मंदिर के बाहरी स्वरूप का आकर्षण पूरी तरह नष्ट कर देंगा। मंदिर की प्रबंध कमेटी को इस मामले का संज्ञान लेकर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। कमेटी का एक्शन ही मंदिर प्रबंधन के लिए उसकी योग्यता और पात्रता की कसौटी होगा, क्योंकि ऐसे अवैध औऱ मनमाने निर्माण को रोकना उसका प्राथमिक दायित्व है।
दाऊजी मंदिर आगरा के शिवहरे समाज की सवा सौ साल से भी अधिक पुरानी धरोहर है। हमारे बुजुर्गों ने संसाधनहीनता के उस दौर में ऐसी भव्य और शानदार संरचना का निर्माण कराया था जो केवल तन-मन-धन के योगदान से संभव नहीं हो सकता, बल्कि निश्चय ही इससे उनकी आत्मा के जुड़ाव रहा होगा। यह एक ऐसी धरोहर है जो कालांतर में शिवहरे समाज के सामाजिक उत्थान का केंद्र बनी, जिसने सर्वसमाज में ‘शिवहरे’ नाम को सम्मान दिलाया। और आज, हम उसी धरोहर पर मनमाने हथौड़े चलाकर उन बुजुर्गों की आत्मा को कष्ट पहुंचा रहे हैं। हम पहले भी इस धरोहर का बहुत नुकसान कर चुके हैं। अब इसे रोकना होगा…वरना हम अपनी धरोहर के गौरव को खो बैठेंगे।

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