समाचार शख्सियत

झांसी के प्रसिद्ध उद्यमी श्री वीरेंद्र राय का आगरा में सम्मान; इस तरह बुंदेलखंड में छा गया मऊरानीपुर से निकला एक नौजवान

आगरा/झांसी।
झांसी के जाने-माने कारोबारी एवं समाजसेवी श्री वीरेंद्र राय को आगरा में राष्ट्रीय स्तर के एक प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान ने सम्मानित किया है। होटल ताज व्यू में हिंदी दैनिक ‘अमर उजाला’ द्वारा आयोजित ‘बेस्ट ऑफ माय सिटी’ समारोह में झांसी के सफलतम उद्योगपति के रूप में श्री वीरेंद्र राय व उनके सुपुत्र श्री विकास राय को मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद यूपी शासन के कैबिनेट मंत्री (उच्च शिक्षा) श्री योगेंद्र उपाध्याय ने सम्मानित किया। इस दौरान झांसी और आगरा के उद्योग व उद्योग-व्यवसाय व सामाजिक क्षेत्र की शीर्ष हस्तियां उपस्थित रहीं।
बता दें कि श्री वीरेंद्र राय लंबे समय से सामाजिक-सेवा और सामाजिक-कार्यों में सक्रिय हैं। श्री वीरेंद्र राय झांसी के उन युवाओं के लिए रोल-मॉडल की हैसियत रखते हैं जो व्यापार में अपना भविष्य तलाश रहे हैं। उनके बारे में यह बात युवाओं खासतौर से प्रेरित करती है कि किस तरह मऊरानीपुर का एक नवयुवक अपने पिता के कारोबार से अलग अपना काम करने के लिए झांसी आता है और पूरे बुंदेलखंड के कारोबार जगत में छा जाता है। श्री वीरेंद्र राय सामाजिक क्षेत्र में भी अपना विशेष मुकाम रखते हैं। वह ‘अखिल भारतीय कलचुरी समवर्गीय महासभा’ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष हैं और उन्हीं के प्रयास से कलचुरी समाज के दो राष्ट्रीय संगठनों का एकीकरण संभव हुआ। यही नहीं, झांसी में कलचुरी समाज के विभिन्न वर्गों के सामाजिक संगठनों के एकीकरण की प्रक्रिया भी उन्हीं की पहल से शुरू हुई है। वह भारत विकास परिषद और रोटरी क्लब से जुड़कर भी सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते हैं।
मऊरानीपुर, झांसी और प्रयागराज में पढ़ाई
श्री वीरेंद्र राय की शुरुआती शिक्षा मऊरानीपुर के ही एक सरकारी स्कूल में हुई थी। उनके पिता सीएल राय शराब कारोबारी थे। इंटरमीडियेट की पढ़ाई के लिए वह झांसी आ गए और एसपीआई कालेज में दाखिला लिया। इलाहाबाद विश्वविद्याल से1981 में बीकॉम और 1984 में एलएलबी की।
सिनेमाघर से की कारोबार की शुरूआत
यह वह दौर था जब टाकीज में फिल्म देखने का काफी क्रेज था जिसने श्री वीरेंद्र राय को इस कारोबार में आने के लिए प्रेरित किया। प्रयागराज से झांसी लौटकर उन्होंने मऊरानीपुर में एक आधुनिक सिनेमाघर बनवाया, जिसे जबरदस्त सफलता मिली। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक, तीन और सिनेमाघर बनवाए। ललितपुर में वातानुकूलित सिनेमाघर बनवाया जो लोगों को इतना पसंद आया कि झांसी तक से लोग इस सिनेमाघर में फिल्म देखने के लिए ललितपुर जाया करते थे। बदलते समय के साथ-साथ उन्होंने झांसी के साथ-साथ बांदा और ललितपुर में मल्टीप्लेक्स का निर्माण काराया।
रियल एस्टेट के काम को भी चमकाया
श्री वीरेंद्र राय का अगला कदम रियल एस्टेट कारोबार में था, जहां उन्होंने बसेरा बिल्डर के नाम से कारोबार शुरू किया। झांसी में पहले राष्ट्रीय स्तर के बिल्डर को लाने का श्रेय उन्हें जाता है। उन्होंने 2003-04 में नौ एकड़ के क्षेत्र मे अंसल बसेरा एस्टेट नाम से कालोनी लांच की। इसके लिए जमीन उनकी थी, जबकि कालोनी विकसित करने काम अंसल ग्रुप ने कराया। अपने पहले हाउसिंग प्रोजेक्ट में भारी सफलता के बाद 2006 में उन्होंने झांसी-ग्वालियर हाइवे पर 110 एकड़ में अंसल बसेरा सिटी कालोनी लांच की। उन्होंने झांसी के प्रमुख स्थानों पर जमीन खरीदी। वर्तमान में इलाइट से चित्रा चौराहा तक उनकी नौ बिल्डिंग हैं, जहां प्रख्यात ब्रांडके शोरूम और कॉरपोरेट कंपनियों के कार्यालय खुले हुए हैं।
शिक्षा जगत में एक अहम नाम
कई व्यवसायों में सफलता की सीढ़ियां चढ़ते हुए श्री वीरेंद्र राय ने 2009 में शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखा और सिविल लाइन स्थित ब्लू बेल्स पब्लिक स्कूल को अपने हाथ में लिया। उन्होंने इसी स्कूल की राजगढ़ स्थित शाखा भी संभाली। आज ब्लू बेल्स स्कूल झांसी के सबसे प्रतिष्ठित स्कूलों में है।
बुंदेलखंड में मारुति के सबसे बड़े डीलर
वर्ष 2018 में श्री वीरेंद्र राय ने एक नए कारोबार में पदार्पण किया। उन्होंने वीआर मोटर्स पेट्रोल पंप शुरू किया। इसके बाद वर्ष 2019 में उन्होंने मारुति सुजुकी की डीलरशिप प्राप्त की और बहुत तेजी से इस नए कारोबार का विस्तार किया। आज झांसी के अलावा महोबा और ललितपुर समेत पूरे बुंदेलखंड में उनके मारुति सुजुकी के नौ शोरूम है। यही नहीं, श्री वीरेंद्र राय होटल और पर्यटन के क्षेत्र में भी नाम कमा रहे हैं। उनका एंबियेंस होटल झांसी के सबसे प्रमुख होटलों में है।
परिवार का योगदान
श्री वीरेंद्र राय की इस यात्रा में परिवार का विशेष योगदान रहा है। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती वर्षा राय अच्छे-बुरे वक्त में श्री वीरेंद्र राय का साथ दिया। उनके दोनों बेटों श्री विशाल राय और श्री विकास राय की इस तरह परवरिश कि आज दोनों बेटे बड़ी कुशलता से पिता के कारोबार संभाल रहे हैं।

Exit mobile version