by Som Sahu October 30, 2017 घटनाक्रम 526
- डाक्टरों की लापरवाही से देवेंद्र शिवहरे पर टूटा दुखों का पहाड़, दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में मौत से जूझ रहा है पुत्र
शिवहरे वाणी नेटवर्क
मुरैना।
ये फोटो 17 वर्षीय तनु शिवहरे और उसके 14 वर्षीय भाई यश शिवहरे का है। ठीक नौ दिन पहले दीपावली की दौज पर भाई का टीका करते समय किसे पता था कि चिकित्सकों की लापरवाही इन दोनों भाई-बहनों की जान पर भारी पड़ जाएगी। पिछले चार दिन से डेंगू से पीड़ित तनु शिवहरे ने सोमवार 30 अक्टूबर की सुबह दम तोड़ दिया, जबकि यश दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में मौत से जूझ रहा है।
मुरैना में पीपल वाली माता मंदिर के पास रहने वाले वयोवृद्ध श्री रामजीलाल भगतजी के बड़े पुत्र देवेंद्र शिवहरे उर्फ कल्लू और उसकी पत्नी रानी शिवहरे पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। चार दिन पहले उनके दोनों बच्चे तनु शिवहरे और यश शिवहरे एकसाथ बीमार पड़े थे और पहले दिन से ही प्रतिष्ठित डाक्टरों से उनका उपचार चल रहा था। जांच में उन्हें डेंगू की पुष्टी हुई तो स्थानीय डाक्टर्स यही कहते रहे कि वे नियंत्रित कर लेंगे। चिंतित परिजनों ने बच्चों को मुरैना के डा. गिर्राज मित्तल, डा. आरसी बांदिल और डा. अशोक गुप्ता जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सकों को दिखाया। लेकिन हालत सुधर नहीं रही थी। कल रविवार, 29 अक्टूबर की देर रात दोनों बच्चों की हालत और खराब हो गई। परिजन उन्हें ग्वालियर के मंगल हॉस्पिटल लाए, मगर यहां भी हालत नहीं सुधरी तो ग्वालियर के ही जेएएच में ले गए जहां सोमवार सुबह करीब तनु ने दम तोड़ दिया। यश की प्लेटलिस्ट भी 24 हजार रह गई थी। जिसके चलते उपचार के लिए दिल्ली रेफर किया गया है।
परिवार में कोहराम मचा है। देवेंद्र शिवहरे और उनकी पत्नी रानी शिवहरे का बुरा हाल है। समाजबंधु उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं। वहीं चिकित्सकों के प्रति भी उनमें रोष है। यदि चिकित्सक मामले की गंभीरता को साफ-साफ बता देते, और धोखे में नहीं रखते तो तनु को बचाया जा सकता था, यश भी मौत से नहीं जूझ रहा होता।









Leave feedback about this