August 6, 2026
शिवहरे वाणी, D-30, न्यू आगरा, आगरा-282005 [भारत]
समाचार

फीरोजाबाद में शिवहरे युवाओं के नहीं बनाए जा रहे ओबीसी प्रमाणपत्र, डीएम से मिला प्रतिनिधिमंडल

फीरोजाबाद। 
यूपी में वर्ष 2000 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रामप्रकाश गुप्ता के कार्यकाल में कलार समाज को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में शामिल किया गया था। लेकिन, फिरोजाबाद में आज भी कलार समाज के लोगों खासकर युवाओं को अपने ओबीसी प्रमाणपत्र बनवाने में खासी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसे लेकर शिवहरे समाज एकता परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी नेहा शर्मा और जिला विकास अधिकारी (सीडीओ) नेहा जैन से मिलकर समस्या से अवगत कराया और शिवहरे समाज के लोगों को ओबीसी प्रमाणपत्र जारी करने में आ रही समस्याओं के निराकरण की मांग की। सुगम शिवहरे के नेतृत्व में परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा।

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खास बात यह है कि सीडीओ नेहा जैन से बातचीत के दौरान प्रतिनिधिमंडल की वहां मौजूद राजस्व कर्मियों से तड़का-भड़की भी हुई। दोनों अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को समस्या के शीघ्र निराकरण का भरोसा दिया है। प्रतिनिधिमंडल में रामजीलाल शिवहरे, संजीव शिवहरे, गोपाल शिवहरे, दीपक गुप्ता, अरविंद शिवहरे, सोनू शिवहरे, राजेश शिवहरे, विनोद शिवहरे एवं यश शिवहरे शामिल थे। 

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दोनों अधिकारियों को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2000 से प्रदेश के प्रत्येक जनपद में कलार समाज के लोगों को ओबीसी प्रमाणपत्र निर्गत होते आ रहे हैं। लेकिन फिरोजाबाद में तहसीलदार एवं अधीनस्थ राजस्व कर्मियों (लेखपाल एवं कानूनगो) द्वारा विभिन्न प्रकार के अवरोध उत्पन्न कर प्रमाणपत्र बनाने में आनाकानी की जा रही है। ज्ञापन में कहा गया है कि राजस्व कर्मी प्रार्थी से उसके पिताजी अथवा दादाजी का ओबीसी प्रमाणपत्र मांगते हैं,। जब कलार जाति को वर्ष 2000 में ही ओबीसी में लाया गया है तो प्रार्थी के पिताजी या दादाजी के पास ओबीसी का प्रमाणपत्र होने का सवाल ही नहीं उठता। ज्ञापन में कहा गया है कि राजस्व कर्मियों के इस रवैये के चलते कलार समाज के युवाओं को ओबीसी प्रमाणपत्र नहीं मिल पा रहे हैं जिससे वे ओबीसी को मिलने वाली सुविधाओं एवं योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हो रहे हैं, जिसके कि वे पात्र हैं। 

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