झाँसी।
बुंदेलखंड के झांसी स्थित प्राचीन सिद्धेश्वर महादेव मंदिर पर कांवड़ यात्रियों का कलचुरी समाजबंधुओं ने जोरदार स्वागत किया। कलचुरी समाज के प्रदेश अध्यक्ष अशोक राय की ओर से गुरुवार 20 अगस्त को विशाल भंडारे का आयोजन कर कांवड़ यात्रियों और बाबा के भक्तों की दिल से सेवा की गई।
बता दें कि झांसी में हर साल सावन के महीने में भव्य कांवड़ यात्रा निकाली जाती है जिसमें हजारों कांवड़यात्री ओरछा से जल लेकर सिद्धेश्वर महादेव मंदिर पहुंचते हैं। इस बार संजीव श्रृंगऋषि के नेतृत्व में यह यात्रा 20 अगस्त को आयोजित की गई थी जिसमें 20 हजार से अधिक कांवड़यात्रियों ने भाग लिया।

सीएम योगी ने कराई पुष्पवर्षा
कांवड़यात्रियों की सेवा में अखिल भारतवर्षीय हैहय कलचुरी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक राय के सौजन्य से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया था जिसमें बड़ी संख्या में कलचुरी समाजबंधुओं ने भाग लिया। सिद्धेश्वर महादेव मंदिर पहुंचने पर कांवड़ यात्रियों ने बड़े भाव के साथ कलचुरी समाजबंधुओं की सेवा को स्वीकर किया। इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से मंदिर परिसर और भंडारा स्थल पर पुष्पवर्षा की गई।
अशोक राय ने जताया आभार
भंडारे के संयोजक एवं महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक राय ने इस मौके पर कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के माध्यम से समाज में सेवा, समर्पण और एकता की भावना को और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने समाज के सभी लोगों द्वारा इस सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने पर आभार व्यक्त किया। महासभा के पदाधिकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन सामाजिक एकता, सेवा भावना और धार्मिक समर्पण का संदेश देते हैं। आयोजन के माध्यम से कांवड़ यात्रियों एवं शिवभक्तों की सेवा कर समाज ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया है।

ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में महासभा के प्रदेश कोषाध्यक्ष सुमित राय, प्रदेश उपाध्यक्ष संजय राय, जिलाध्यक्ष झांसी पुष्पेंद्र राय, जिला उपाध्यक्ष पंकज राय, जिला महामंत्री बृजेंद्र कुमार राय, संरक्षक रामस्वरूप राय कक्का, संरक्षक महेश राय, संरक्षक विनोद राय (रानीपुर), संरक्षक महेश राय (सफा, ग्राम प्रधान), संरक्षक चंद्रमोहन राय, संरक्षक महेश राय (खाती बाबा), राजेन्द्र राय (अंतिया ताल), सुनील राय, रविंद्र राय, हृदेश राय (पूर्व अध्यक्ष), गिरजा शंकर राय, अमित राय (पार्षद, भट्टागांव), अशोक राय (पचवारा), अशोक राय (निवाड़ी), नरेश राय (हँसारी), राजेन्द्र राय (खुशीपुरा), मनोज राय (बड़ौरा), युवराज राय (बड़ौरा), प्रमोद राय (हँसारी), मनोज राय (पैराडाइज), राजबिहारी राय, ब्रजेन्द्र राय (शिवाजीनगर), सुरेन्द्र राय ‘आबकारी ठेकेदार’ (राजगढ़), विशाल राय, रवींद्र राय, अरविंद्र राय, इंजी. सौरव राय, मयंक राय (राजगढ़), विनोद राय (छनियापुरा), प्रशांत राय, मयूर राय, सिद्धांत राय, शिवम् राय, मनीष राय, नरेश राय, छोटू शिवहरे, ब्रजेन्द्र राय (सिमराहा), जुगराज राय (निवाड़ी), केशव राय (हँसारी), विनीत जायसवाल ‘आरा मशीन वाले’, राकेश राय (पूर्व प्रधान), राकेश राय (गुजर्रा), केदार राय (नगरा), विनोद राय ‘आबकारी ठेकेदार’, शिवम् राय (गुजर्रा), सुदामा राय (राजगढ़), अनुज राय (पंचवटी), आदित्य राय, संतोष महाजन, विनोद राय (सिविल लाइन), बृजकिशोर माते, संजय राय, संतोष राय (पालर), अभिषेक राय (हंसारी), इंजी. अमित राय (आसरा बिल्डर्स) एवं इंजी. अंकित राय (आसरा कंस्ट्रक्शन) समेत बड़ी संख्या में स्वजातीय बंधु उपस्थित रहे।

इसलिए प्रसिद्ध है झांसी का सिद्धेश्वर मंदिर
झांसी जिले का प्राचीन सिद्धेश्वर मंदिर अपनी एक अनोखी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है, जहां हर साल सावन के महीने में श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा के बाद शिवलिंग को पानी में आधे से ज्यादा डुबो देते हैं। आमतौर पर शिवलिंग पर केवल जल चढ़ाया जाता है, लेकिन इस मंदिर में पूरा शिवलिंग जलमग्न कर दिया जाता है। इस परंपरा को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि ऐसा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं, परिवार में सुख-शांति आती है और अच्छी बारिश के साथ खेतों में भरपूर फसल होती है। वहीं, मंदिर के पुजारी के अनुसार, सावन में शिवलिंग को पानी में डुबोकर रखना महादेव को ठंडक पहुंचाने और निरंतर जलाभिषेक के माध्यम से उनकी विशेष सेवा का एक रूप है। सुबह से शाम तक गूंजते ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों, बेलपत्र और जल अर्पित करते भक्तों की भीड़ के साथ, यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि लोगों की गहरी आस्था, अटूट विश्वास और शांति का केंद्र बन चुका है।


















