झांसी।
झांसी के प्रमुख उद्योगपति एवं समाजसेवी वीरेंद्र राय ‘अखिल भारतीय कलचुरी जायसवाल समवर्गीय महासभा’ का निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित होने के लगभग 11 महीने बाद 1 नवंबर को पद की शपथ लेने जा रहे हैं। हालांकि राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में वीरेंद्र राय की राहें आसान नहीं होंगी।, दो-फाड़ होकर लगभग निष्क्रिय पड़ी एक बड़ी सामाजिक संस्था को उसकी पुरानी प्रतिष्ठा दिलाना उनकी सबसे बड़ी चुनौती होगी।

बता दें कि अखिल भारतीय जायसवाल समवर्गीय महासभा 2017 में हरिद्वार अधिवेशन में दो-फाड़ हो गई थी, औऱ उसके बाद सालों तक दोनों गुट (बसंतलाल साव और संजय जायसवाल) लंबे समय तक निष्क्रिय पड़े रहे। दो वर्ष पूर्व वीरेंद्र राय के प्रयासों से झांसी में दोनों गुटों का एकीकरण संभव हुआ जो ‘अखिल भारतीय कलचुरी जायसवाल समवर्गीय महासभाट के संशोधित नाम से सामने आया है। वीरेंद्र राय एक नवंबर को इसी एकीकृत संस्था क राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की शपथ लेने जा रहे हैं। वीरेंद्र राय लंबे समय से सामाजिक-सेवा और सामाजिक-कार्यों में सक्रिय हैं। वह झांसी के उन युवाओं के लिए रोल-मॉडल की हैसियत रखते हैं जो व्यापार में अपना भविष्य तलाश रहे हैं। उनके बारे में यह बात युवाओं खासतौर से प्रेरित करती है कि किस तरह मऊरानीपुर का एक नवयुवक अपने पिता के कारोबार से अलग अपना काम करने के लिए झांसी आता है और पूरे बुंदेलखंड के कारोबार जगत में छा जाता है।

मऊरानीपुर, झांसी और प्रयागराज में पढ़ाई
वीरेंद्र राय की शुरुआती शिक्षा मऊरानीपुर के ही एक सरकारी स्कूल में हुई थी। उनके पिता सीएल राय शराब कारोबारी थे। इंटरमीडियेट की पढ़ाई के लिए वह झांसी आ गए और एसपीआई कालेज में दाखिला लिया। इलाहाबाद विश्वविद्याल से1981 में बीकॉम और 1984 में एलएलबी की।
सिनेमाघर से की कारोबार की शुरूआत
यह वह दौर था जब टाकीज में फिल्म देखने का काफी क्रेज था जिसने वीरेंद्र राय को इस कारोबार में आने के लिए प्रेरित किया। प्रयागराज से झांसी लौटकर उन्होंने मऊरानीपुर में एक आधुनिक सिनेमाघर बनवाया, जिसे जबरदस्त सफलता मिली। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक, तीन और सिनेमाघर बनवाए। ललितपुर में वातानुकूलित सिनेमाघर बनवाया जो लोगों को इतना पसंद आया कि झांसी तक से लोग इस सिनेमाघर में फिल्म देखने के लिए ललितपुर जाया करते थे। बदलते समय के साथ-साथ उन्होंने झांसी के साथ-साथ बांदा और ललितपुर में मल्टीप्लेक्स का निर्माण काराया।
रियल एस्टेट के काम को भी चमकाया
वीरेंद्र राय का अगला कदम रियल एस्टेट कारोबार में था, जहां उन्होंने बसेरा बिल्डर के नाम से कारोबार शुरू किया। झांसी में पहले राष्ट्रीय स्तर के बिल्डर को लाने का श्रेय उन्हें जाता है। उन्होंने 2003-04 में नौ एकड़ के क्षेत्र मे अंसल बसेरा एस्टेट नाम से कालोनी लांच की। इसके लिए जमीन उनकी थी, जबकि कालोनी विकसित करने काम अंसल ग्रुप ने कराया। अपने पहले हाउसिंग प्रोजेक्ट में भारी सफलता के बाद 2006 में उन्होंने झांसी-ग्वालियर हाइवे पर 110 एकड़ में अंसल बसेरा सिटी कालोनी लांच की। उन्होंने झांसी के प्रमुख स्थानों पर जमीन खरीदी। वर्तमान में इलाइट से चित्रा चौराहा तक उनकी नौ बिल्डिंग हैं, जहां प्रख्यात ब्रांडके शोरूम और कॉरपोरेट कंपनियों के कार्यालय खुले हुए हैं।

शिक्षा जगत में एक अहम नाम
कई व्यवसायों में सफलता की सीढ़ियां चढ़ते हुए वीरेंद्र राय ने 2009 में शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखा और सिविल लाइन स्थित ब्लू बेल्स पब्लिक स्कूल को अपने हाथ में लिया। उन्होंने इसी स्कूल की राजगढ़ स्थित शाखा भी संभाली। आज ब्लू बेल्स स्कूल झांसी के सबसे प्रतिष्ठित स्कूलों में है।
बुंदेलखंड में मारुति के सबसे बड़े डीलर
वर्ष 2018 में श्री वीरेंद्र राय ने एक नए कारोबार में पदार्पण किया। उन्होंने वीआर मोटर्स पेट्रोल पंप शुरू किया। इसके बाद वर्ष 2019 में उन्होंने मारुति सुजुकी की डीलरशिप प्राप्त की और बहुत तेजी से इस नए कारोबार का विस्तार किया। आज झांसी के अलावा महोबा और ललितपुर समेत पूरे बुंदेलखंड में उनके मारुति सुजुकी के नौ शोरूम है। यही नहीं, श्री वीरेंद्र राय होटल और पर्यटन के क्षेत्र में भी नाम कमा रहे हैं। उनका एंबियेंस होटल झांसी के सबसे प्रमुख होटलों में है।
परिवार का योगदान
श्री वीरेंद्र राय की इस यात्रा में परिवार का विशेष योगदान रहा है। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती वर्षा राय अच्छे-बुरे वक्त में श्री वीरेंद्र राय का साथ दिया। उनके दोनों बेटों श्री विशाल राय और श्री विकास राय की इस तरह परवरिश कि आज दोनों बेटे बड़ी कुशलता से पिता के कारोबार संभाल रहे हैं।














