नेहा शिवहरे की ससुराल से आई राजी-खुशी की खबर; कहानी एक बिटिया की जिस पर निसार हुए झांसीवाले
झांसी। ललितपुर जिले के जमालपुर गांव की नेहा शिवहरे अब अपने ससुराल में राजी-खुशी से है, बहुत खुश है। झांसी के वे तमाम लोग
झांसी। ललितपुर जिले के जमालपुर गांव की नेहा शिवहरे अब अपने ससुराल में राजी-खुशी से है, बहुत खुश है। झांसी के वे तमाम लोग
स्व. श्रीमती संतोष देवी गुप्ता(पत्नी स्व. श्री ओमप्रकाश गुप्ता)22.12.1947 – 27.03.2019 दुःख थे पर्वत, राई अम्माकभी हारी नहीं लड़ाई अम्मा।सभी पराये हो जाते
ऊपर दिया चित्र मध्य प्रदेश के नीमच शहर में अलग से बने जायसवाल समाज की श्मशान भूमि का है जो पूरे देश में
————–परिवार की ओर से शोक संदेश—————— अत्यंत दुःख के साथ बताना पड़ रहा है कि हमारे प्रिय श्री ब्रजमोहन शिवहरे (पुत्र स्व. श्री
कानपुर। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण गर्ग उर्फ पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बाद एक और ढोंगी बाबा इन दिनों में चर्चा में है।
कोयंबटूर।‘दक्षिण भारत का मैनचेस्टर’ कहे जाने वाले तमिलनाडु के कोयंबटूर शहर में छोटे से हिंदीभाषी जायसवाल समाज ने व्यावसायिक क्षेत्र के साथ ही
भोपाल।कोलार रोड स्थित जेके हॉस्पिटल का कांफ्रेंस हॉल बीते रविवार व्यंग्य-विनोद और साहित्य-कला के खुशनुमा रंगों से गुलजार रहा। समरसता और आपसी भाईचारे
आगरा।जिला सहकारी समितियों के चुनाव में इस बार भी सिकंदरा के शिवहरे परिवार का दबदबा बने रहने की प्रबल संभावना है। परिवार को
ग्वालियर। होली भले बीत गई लेकिन मित्रता, प्रेम, भाईचारा, सदभावना, सौहार्द और सम्मान के ‘रंग’ तो जीवन का आधार होते हैं, और जीवन
उदयपुर।नारी के बलिदान की भूमि राजस्थान में कलवार, कलाल, कलार समाज की महिलाओं ने जायसवाल क्लब से जुड़कर समाज की एकजुटता और उत्थान