ग्वालियर से बुलंद हुई ‘एक कलचुरी’ की आवाज; सहस्रबाहु जयंती महोत्सव में परिचय सम्मेलन और अन्नकूट प्रसादी; देर रात तक रही रौनक
ग्वालियर।देश के कोने-कोने में मौजूद ‘कलवार, कलार, कलाल’ समाज अब वर्गों-उपवर्गों में नहीं बंटेगा, बल्कि जब भी जातीय जनगणना होगी तो एक ‘कलचुरी’

