आगरा।
आगरा में शिवहरे समाज का गौरव ‘दाऊजी मंदिर’ 19 दिसंबर को दाऊजी पूनो पर अपनी स्थापना के 130 वर्ष पूर्ण कर लेगा। बुजुर्गों की इस धरोहर के जीर्णोद्धार का दूसरा चरण बिल्कुल आखिरी पायदान पर है। संगमरमरी पत्थर के नए फर्श से पूरा परिसर जगमग हो गया है, उस पर नई सीलिंग पर लगी आधुनिक लाइट्स के अक्स फर्श की चमक में चार चांद लगा रहें हैं। मंदिर परिसर के अंदर लाल पत्थर की पच्चीकारी भी अब साफ-सुथरी होकर उभर आई है। चालू फव्वारे की पीढ़ियों की आस भी पूरी होगी, और सभी देव-दरबार नई दिव्यता में नजर आएंगे। कुल-मिलाकर बुजुर्गों की धरोहर में सबकुछ पुराना होते हुए भी बहुत कुछ नया हो गया है, और इसका नजारा दाऊजी पूनो के पावन अवसर पर होगा।


दाऊजी मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री बिजनेश शिवहरे ने समाजबंधुओं से मंदिर में 19 दिसंबर को होने वाले दाऊजी पूनो महोत्सव में आमंत्रित किया है। पूजा-पाठ का क्रम सुबह 7 बजे से शुरू हो जाएगा, दाऊजी महाराज श्रद्धालुओं को ‘रिटर्न गिफ्ट’ में मोहन-बाटी का प्रसाद प्रदान करेंगे। अपराह्न 4 बजे से भजन संध्या और उसके बाद भोजन-प्रसादी का कार्यक्रम है। श्री बिजनेश शिवहरे ने शिवहरेवाणी के माध्यम से समाजबंधुओं को आमंत्रित करते हुए आग्रह किया है कि वे इस आय़ोजन को लेकर शिवहरेवाणी में प्रकाशित होने वाले समाचार को मंदिर प्रबंध समिति की ओर से व्यक्तिगत निमंत्रण की मान्यता प्रदान करें। समिति के सदस्य, पदाधिकारी और उनके परिवार उनके स्वागत को तत्पर रहेंगे।


समिति के महासचिव श्री आशीष शिवहरे (जिज्ञासा पैलेस) ने बताया कि मंदिर में जीर्णोद्धार का ज्यादातर कार्य लगभग पूरा हो चला है। अब आयोजन से पहले के दो दिन यानी 17 और 18 दिसंबर को मंदिर की साफ-सफाई, साज-सज्जा और महोत्सव की अन्य व्यवस्थाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यदि थोड़ा बहुत कहीं कोई काम रह भी गया होगा, तो उसे दाऊजी पूनो के बाद पूर्ण किया जाएगा।
इधर, मंदिर का शिव दरबार भी संगमरमर के नए प्लेटफार्म पर स्थापित कर दिया हैं। परिसर के अंदर की सभी दीवारें और मुंडेरें ऑयल-पेंट से आकर्षक छटा बिखेर रही हैं। छतों की पीवीसी सीलिंग कर उनमें आधुनिक लाइट्स लगाई गई हैं। मंदिर उपाध्यक्ष श्री नवनीत गुप्ता ने जोर देकर कहा कि जीर्णोद्धार कार्य में मंदिर की प्राचीनता को बनाए रखने का पूरा प्रयास किया गया है। केवल उन्हीं बिंदुओं पर काम किया गया है जहां इसकी आवश्यकता शिद्दत से महसूस की जा रही थी। उन्होंने बताया कि दाऊजी पूनो पर सभी देव प्रतिमाएं एक जैसी आकर्षक पोशाक और छत्र-मुकुट से लेकर ज्वैलरी तक नए आभूषण में सुसज्जित नजर आएंगी।
मंदिर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री धर्मेंद्र राज शिवहरे ने बताया कि एक लंबे समय बाद मुख्य मंदिर परिसर में एकसाथ इतना अधिक काम हुआ है, पूरी कार्यकारिणी ने समर्पण भाव के साथ इसमें सहयोग किया है, इसके बेहतर परिणाम तो सामने आएंगे ही।
18 को बदला जाएगा हनुमानजी का चोला
इस बीच, दाऊजी पूनो से एक दिन पहले यानी 18 दिसंबर को हनुमानजी का चोला भी बदला जाएगा। शाम पांच बजे से पूरे विधिविधान के साथ चोला बदला जाएगा। इस दौरान मंदिर प्रबंध समिति के सभी पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहेंगे।




















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