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मुरैना में सच्ची शिव-उपासना, कलचुरी महिलाओं ने भोले की सृष्टि को पहनाया हरित आवरण

शिवहरे वाणी नेटवर्क
आगरा।
सावन का महीना शिव उपासना का होता है। कहते हैं कि सावन के महीने में भगवान शिव जी ने समुद्र मंथन से निकला विष पीकर सृष्टि की रक्षा की थी। आज सबसे बड़ी जरूरत है औद्योगिक प्रदूषण है अपनी प्रकृति और पर्यावरण को बचाने की। लिहाजा सावन में पौधारोपण कर प्रकृति को हरित आवरण पहनाने से श्रेष्ठ शिव उपासना कोई और हो ही नहीं सकती। सावन शुरू होते ही कलचुरी समाज की ओऱ से पौधारोपण कार्यक्रम शुरू हो गए हैं। इस कड़ी में सावन के पहले ही दिन मुरैना में जहां शिवहरे महिला मंडल ने 50 फलदार, फूलदार और छायादार वृक्ष रौंप कर भोलेशंकर के प्रति सच्ची आस्था व्यक्त की, वहीं दूसरे दिन भोपाल के बसंतकुंज स्थित भगवान सहस्त्रबाहु मंदिर मे पौधारोपण किया गया। खास बात यह है कि यहां कलचुरी महासभा के श्री राजाराम शिवहरे की पहल पर पिछले 20 सालों से पौधारोपण हो रहा है और कभी बंजर रहे इस स्थान पर 20 हजार पेड़ प्रकृति की अनोखी छटा बिखेर रहे हैं।
मुरैना में जैन ज्ञान तीर्थ मंडल परिसर में शिवहरे महिला मंडल ने बीती 28 जुलाई को 50 पौधे लगाए। इनमें आम, जामुन, अमरूद, नीम, गुलाब, चमेली, गुड़हल, गेंदा के पौधे शामिल हैं। इस दौरान शिवहरे महिला मंडल की अंजना शिवहरे, नीता, छाया, अनीता, सुलेखा, रंजीता, निधि, मिथलेश, उमा, सीमा, कल्पना, प्रीति, किरण, ममता, दीपा, भारती समेत समस्त सदस्य शामिल रहीं। बता दें कि मुरैना में शिवहरे महिला मंडल समाज के सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र मे सक्रिय है। महिला मंडल की प्रत्येक माह एक मीटिंग होती है जिसमें समाज मे नए कार्यक्रम शुरू करने पर विचार किया जाता है। शिवहरे महिला मंडल की ओर से कई कार्यक्रम किये जा चुके हैं जिनमें बालिकाओं का डांस कंप्टीशन, वेस्ट मेटेरियल से बेस्ट प्रोडक्ट बनाने की स्पर्धा, मेहंदी प्रतियोगिता समेत कई कार्यक्रम शामिल हैं। साथ ही महिला मंडल अपनी सदस्याओं को कुछ नया सीखने और समाज की महिलाओं को कुछ नया सिखाने के लिए भी प्रयासरत रहता है। 
 

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