शिवहरे वाणी नेटवर्क
आगरा।
आगरा में शिवहरे समाज की प्रमुख धरोहर मंदिर श्री दाऊजी महाराज में इन दिनों पुनरुद्धार कार्य तेजी से चल रहा है। मंदिर प्रबंधन का प्रयास है कि इस गौरवपूर्ण धरोहर के संरक्षण के साथ ही इसे आधुनिक जरूरतों के लिहाज से विकसित किया जाए, ताकि आगरा में शिवहरे समाज की आस्था का केंद्र होने के साथ ही यह मंदिर परिसर सामाजिक एवं मांगलिक प्रयोजनों के लिए भी और अधिक उपयोगी हो सके। इसके भारी-भरकम खर्च की पूर्ति फिलहाल मंदिर प्रबंधन द्वारा पूरी तरह मंदिर के अपने संसाधनों से तथा पदाधिकारियों एवं सदस्यों के सहयोग से की जा रही है। लेकिन, वास्तव में जरूरत इन उपलब्ध संसाधनों से कहीं अधिक धन की है। ऐसे में मंदिर प्रबंध समिति ने नाई की मंडी स्थित उस मकान को बेचने का निर्णय लिया है जो मंदिर प्रबंध समिति की संपत्ति है।
मकान है 13/130, पटैमा गली, हल्का मदन, नाई की मंडी, आगरा। फिलहाल इस मकान का सभी बकाया मंदिर प्रबंध समिति ने समाप्त करवा दिया है। हाल में बकाया हाउस टैक्स, वाटर टैक्स और महानगर पालिका में जमा कराया है। मकान पर विद्युत बकाया भी है जिसका समाधान किए जाने का प्रयास प्रबंध समिति द्वारा किया जा रहा है। जल्द ही इसे भी समाप्त करा दिया जाएगा, तब मकान पर किसी प्रकार का कोई बाहरी बकाया नहीं रहेगा। समिति की वरीयता है कि यह मकान कोई शिवहरे समाज का व्यक्ति खरीदे। वैसे हाल ही में इस मकान का सौदा श्री कमलकांत शिवहरे के साथ किया गया था, क्योंकि यह मकान उनके वर्तमान आवास के ठीक सामने है। लेकिन किन्ही कारणों से यह बात आगे नहीं बढ़ पाई। प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष श्री धर्मेंद्र राज शिवहरे ने बताया कि वर्तमान में मकान के खरीददार आ रहे हैं, लेकिन समिति की प्राथमिकता शिवहरे समाज है। कोई शिवहरे बंधु यदि इसे खरीदना चाहे तो प्रबंध समिति से संपर्क कर सकता है।
यह निर्णय बीते रविवार को हुई मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में लिया गया है। समिति के अध्यक्ष श्री भगवान स्वरूप शिवहरे की अगुवाई में हुई इस बैठक में मंदिर का विक्रय करने के प्रस्ताव सदस्यों द्वारा रखा गया और सर्वसम्मति से निर्णय किया गया है कि पहले शिवहरे बंधु को ही मकान खरीदने का अवसर दिया जाना चाहिए। कोई ग्राहक नहीं मिलने पर ही इसे गैर-शिवहरे को बेचा जा सकता है।
