शिवहरे वाणी नेटवर्क
आगरा में शिवहरे समाज की धरोहर मंदिर श्रीराधाकृष्ण में इन दिनों सात दिनी 'संगीतमय श्रीमद भागवत सप्ताह ज्ञन-यज्ञ' में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। कथा के चौथे दिन बुधवार को वामन राम जन्मोत्सव एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में मंदिर परिसर पूरी तरह से भक्तिमय हो गया। मंदिर प्रबंध समिति के महासचिव मुकुंद शिवहरे जब वासुदेव का वेष धरकर सूप में भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप को लेकर पहुंचे तो पूरा मंदिर परिसर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज गया। बल्लभ वेदांताचार्य श्रद्धेय पं. अनिल शास्त्री चतुर्वेदी ने अपने श्रीमुख से आध्यात्मिक ज्ञान की वर्षा कर श्रद्धालुओं को आनंदित कर दिया।
पं. अनिल शास्त्री चतुर्वेदी ने कहा कि मन की गति संसार है। मन संसार में ही रहता है, प्रभु कार्य में नहीं। जहां मन निष्क्रिय हो जाए, वहीं से प्रभु का द्वार खुलता है। भक्ति, ज्ञान, पूजा-पाठ ये सभी मन को निष्क्रिय करने के साधन हैं। कथा में श्रीराम का सजीव वर्णन किया गया। राष्ट्र को आज श्रीराम की जरूरत है। श्रीराम ने सभी को गले लगाकर सामाजिक समरसता कायम किया। उनके अंदर कोई भेदभाव नहीं था। उन्होंने कहा कि सभी मनुष्य को राम चरितमानस का अध्ययन करना चाहिए। आसुरी शक्ति को परास्त करने के लिए भगवान जन्म लेते हैं। कृष्ण ने कंस-जरासंध का दमन कर और महाभारत युद्ध के माध्यम से स्वार्थी और अहंकारी राजनीति को खत्म किया।
श्री राधाकृष्ण मंदिर समिति के अध्यक्ष अरविंद गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक शिवहरे, उपाध्यक्ष रिषी शिवहरे, सचिव धीरज शिवहरे, कोषाध्यक्ष कुलभूषण गुप्ता रामभाई, उपकोषाध्यक्ष रवि शिवहरे, मंदिर व्यवस्थापक जगदीश गुप्ता एवं राजेंद्र गुप्ता, शिवहरे समाज एकता परिषद के महासचिव अंकुर गुप्ता, कार्यकारिणी सदस्य रमन गुप्ता, डा. अजय गुप्ता, मनोज शिवहरे, संजय शिवहरे, बृजकिशोर गुप्ता, सुनील गुप्ता, अजय गुप्ता, अखिलेश शिवहरे, धीरज शिवहरे, सुशील गुप्ता, अनूप गुप्ता, अरुन, आशीष. नरेश, विनय, चंदन, तुषार, अजय, सरजू गुप्ता समेत बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे।
