July 5, 2026
शिवहरे वाणी, D-30, न्यू आगरा, आगरा-282005 [भारत]
समाचार

Good policing: मोहित शिवहरे ने जान पर खेलकर बुजुर्ग को बचाया; एक लाख रुपये के ‘जीवन-रक्षक पदक’ से होंगे सम्मानित

भोपाल।
भोपाल में तैनात पुलिस आरक्षी मोहित शिवहरे की चर्चा इन दिनों पूरे मध्य प्रदेश में हो रही है। मोहित शिवहरे ने मूसलाधार बारिश के बीच उफनाए नाले में फंसे एक बुजुर्ग को अपनी जान पर खेल कर सुरक्षित निकाल लिया। मध्य प्रदेश पुलिस प्रमुख ने मोहित की ‘कर्तव्य परायणता, साहस औऱ सूझबूझ’ की सराहना करते हुए उनके लिए एक लाख रुपये की नगद पुरस्कार राशि वाले ‘जीवन-रक्षक पदक’ की सिफारिश की है। उम्मीद है कि आगामी 15 अगस्त को भोपाल में होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव उन्हें यह पदक प्रदान करेंगे।

यह वाकया बीती 28-29 जून की दरम्यानी रात का है, जब पूरे भोपाल में मूसलाधार बारिश हो रही थी। हनुमानगंज थाने के कांस्टेबल मोहित शिवहरे अपने एक साथी के साथ चार्ली-2/1 बाइक से छोला रोड पर गश्त कर रहे थे। पुट्ठा मिल के पास अंधेरे में बारिश के शोर को चीरती ‘बचाओ..बचाओ..’ की कराहती आवाज उनके कानों में पड़ी। आवाज का पीछा करते पास के एक नाले तक पहुंच गए। वहां नजारा होश उड़ाने वाला था। बारिश में उफनाए नाले के दलदल में एक लगभग साठ साला बुजुर्ग बुरी तरह फंसा था, सिर पर गहरी चोट थी। नाले का बहाव बुजुर्ग को आगे बने पुल की ओर ले धकेल रहा था, और वह एक संकरी जगह में फंसे थे।

मोहित को हालात की गंभीरता भांपते देर नहीं लगी, और बिना वक्त गंवाए नाले में कूद पड़े। दलदल इतनी थी कि मोहित का लगभग आधा शरीर उस दलदल में फंस गया। खुद को किसी तरह संभालते हुए वह बुजुर्ग की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन दलदल में आगे बढ़ना लगभग नामुमकिन सा हो रहा था। इसी बीच अन्य स्टाफ भी आ गया। तीन साथी पुलिसकर्मियों ने एक लंबी लाठी उनकी ओर बढ़ाई जिसके एक सिरे को पकड़कर वह बुजुर्ग तक पहुंचे। उन्होंने एक हाथ से लाठी को कसकर थाना औऱ दूसरे हाथ से बुजुर्ग पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली। इसके बाद बाहर पुलिसकर्मियों ने लाठी को अपनी ओर खींचा जिसके सहारे से मोहित उस बुजुर्ग को लेकर नाले से बाहर निकल आए। इस जद्दोजहद में करीब दस मिनट लग गया।

बुजुर्ग की हालत बेहद नाजुक थी, सांसे लगभग थम सी गई थीं। मोहित ने तुरंत बुजुर्ग को पेट के बल लिटाया और जोर-जोर से पीठ थपथपाई जिससे पेट में घुसा नाले का गंदा पानी मुंह से बाहर निकल गया। इसके मुंह से बुजुर्ग को सीपीआर देना शुरू किया तो बुजुर्ग की धीरे-धीरे सांसें संयत हो गईं। इसके बाद उन्हें हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। इस घटना की जानकारी जब पुलिस के आला अफसरों तक पहुंची तो सभी ने मोहित की सराहना की। भोपाल के डीसीपी (एसपी) ने मोहित शिवहरे को व्यक्तिगत रूप से पुरस्कृत करने की घोषणा की। वहीं मध्य प्रदेश पुलिस प्रमुख (डीजीपी) ने उन्हें केंद्र सरकार के एक लाख रुपये के नगद पुरस्कार राशि वाले ‘जीवन रक्षक पद’ प्रदान करने की अनुशंसा कर दी। बहुत संभव है कि आगामी 15 अगस्त को मुख्यमंत्री उन्हें इस सम्मान से सम्मानित करें। वरना अगले वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर तो उन्हें यह पुरस्कार मिलना तय है।

शिवहरेवाणी ने मोहित शिवहरे से संपर्क किया तो उन्होंने उस रात की पूरी घटना बयान की। मोहित शिवहरे ने अपनी कर्तव्य परायणता से न केवल पुलिस महकमे को, बल्कि अपने समाज को भी गौरवान्वित किया है। मोहित शिवहरे राजगढ़ जिले में ब्यावरा के रहने वाले श्री रामगोपाल शिवहरे एवं श्रीमती शशि शिवहरे के पुत्र हैं। तीन वर्ष पूर्व मध्य प्रदेश पुलिस में उनकी नौकरी लगी। एक वर्ष पूर्व उनका विवाह भोपाल की ही योगिता शिवहरे से हुआ है जो सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं और वर्तमान में शिवपुरी में पोस्टेड हैं।

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