आगरा।
होली बसंत का त्यौहार है। जिस तरह बसंत ऋतु प्रकृति में उल्लास भर देती है, उसी तरह होली का त्योहार भी समाज की उदासी को दूर कर उसमें उत्साह के रंग भर देता है। उदास मनुष्य को गतिमान करने के लिए राग और रंग जरूरी है, होली में दोनों हैं। आगरा में शिवहरे समाज की धरोहर राधाकृष्ण मंदिर में बुधवार 20 मार्च को रंगभरनी एकादशी पर शिवहरे महिलाओं ने राग और रंग के हल्ले कर होली का ऐलान कर दिया।


बता दें कि होली से पांच दिन पहले रंगभरनी एकादशी के साथ ही इस पर्व का आगाज हो जाता है। लोहामंडी स्थित राधाकृष्ण मंदिर में राधाकृष्ण महिला समिति की सदस्यों ने हर वर्ष की भांति इस बार भी रंगभरनी एकदाशी पर ठाकुरजी के साथ जमकर गुलाल और फूलों की होली खेली। इस दौरान ढोल की थापों से ऊर्जित होली के सामूहिक गीतों की धुनों पूरे मंदिर परिसर को होलीमय कर दिया। राधाकृष्ण दरबार और राम दरबार को फूल और गुलाल से सराबोर कर महिलाओं ने एक-दूसरे को भी रंग लगाया।


इस दौरान राधाकृष्ण महिला समिति की अध्यक्ष पूनम गुप्ता, रजनी, अर्चना, उर्मिला, कमलेश, मधु, हेमलता, नेहा, रिंकी, अंजू, विनीता, काजल, ललिता, शिल्पी, शारदा आदि मौजूद रहीं। होली के बाद सभी ने दूध-बादाम की शीतल का आनंद लिया। समापन पर गुझिया, मठरी, लड्डू, बिस्कुट, नमकीन का प्रसाद वितरित किया गया।























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