शिवगिरि (केरल)
देशभर में कलचुरी समाज के विभिन्न उपवर्गों को कलचुरी नाम की ‘छतरी’ के नीचे एकजुट करने की मुहिम अब सुदूर दक्षिण तक पहुंच गई है। जाने-माने समाजसेवी एवं शिक्षा-उद्यमी जयनारायण चौकसे ने केरल के वर्कला स्थित शिवगिरि मठ प्रबंध द्वारा आयोजित एक विशेष सभा में दक्षिण भारतीय कलचुरी समाज से अपील की कि आगामी जनगणना में वे अपने उपनाम या उपवर्ग के साथ कलचुरी शब्द का अवश्य प्रयोग करें।

बता दें कि शिवगिरि में ही श्री नारायण गुरु को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी, यहीं उन्हें मोक्ष मिला था और यहीं उनकी समाधि भी है। शिवागिरि मठ में हर साल 30 दिसंबर से 1 जनवरी तक यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इस वार्षिक तीर्थयात्रा को लेकर 20 दिसंबर से ही यहां विभिन्न कार्यक्रम शुरू हो जाते हैं। इसी के अंतर्गत शिवागिरि मठ के श्री नारायण धर्म संगम ट्रस्ट ने कलचुरी समाज की विशेष बैठक आयोजित की थी जिसमें ‘अखिल भारतवर्षीय हैहय कलचुरी महासभा’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जयनारायण चौकसे को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था।

मठ के प्रमुख स्वामी सचिदानंदजी ते सानिध्य में आयोजित बैठक में श्री चौकसे ने कहा कि देश के बाकी हिस्सों की तरह दक्षिण भारत के राज्यों में भी कलचुरी समाज विभिन्न उपवर्गों में बंटा है। यहां गौड़, नाडर, एझवा, एडीगा समेत तमाम उपवर्ग हैं। अब तक पूरे देश में कलचुरी समाज में यह विभाजन इस कदर है कि इसकी सटीक संख्या कभी सामने नहीं आ पाई है। एक सर्वे में देश में कलचुरी समाज की कुल आबादी 15 से 20 करोड़ के बीच होने का अनुमान जरूर जताया गया है। लेकिन, अब वक्त की जरूरत है कि हमारे समाज की सटीक आबादी सामने आए, और आगामी जनगणना हमें यह मौका देने जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी समाजबंधु जनगणना प्रपत्र में अपने उपवर्ग या उपनाम का यथावत प्रयोग करें लेकिन उसके साथ कलचुरी शब्द अवश्य जोड़ दें।

श्री चौकसे ने कहा कि वह काफी समय से मध्य प्रदेश समेत उत्तर भारत में कई जगह बैठकें कर समाजबंधुओं से यह अपील कर रहे हैं और कई अन्य मंच भी इस पहल में सहभागी हैं। दक्षिण में इस मुहिम को शुरू करने के लिए श्री नारायण गुरू की पावन भूमि से बेहतर कोई और जगह हो नहीं सकती, जिनके करीब 90 प्रतिशत अनुयायी कलचुरी समाज से ही आते हैं।
हैहय कलचुरी महासभा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) राजेंद्र बाबू गौड़, एमएल राय (भोपाल), महिला अध्यक्ष डा. पूनम चौधरी गुप्ता (दिल्ली), केरल प्रेसीडेंट स्वर्ण कुमार, स्टेट सेक्रेटरी (एम.पी.) हरेराम राय, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य नीलम शिवहरे (इंदौर) आदि ने भी संबोधित किया। देवास से पधारी नीलम जायसवाल ने भजन प्रस्तुत किया।








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