July 28, 2026
शिवहरे वाणी, D-30, न्यू आगरा, आगरा-282005 [भारत]
समाचार समाज

नागपुर की आन-बान-शान हैं ‘नागपुर चा राजा; बेटे के जन्म पर 29 वर्ष पहले दीपक जायसवाल की एक पहल अब बनी गौरवशाली परंपरा

नागपुर।
भक्तों के प्रिय ‘नागपूर चा राजा’ की धूम शुरू हो गई है। नागपुर के रेशमबाग चौक पर भव्य मंडप में बुधवार सुबह 11 फीट की गणपति प्रतिमा की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की गई। सोने-चांदी के गहनों से अलंकृत ‘नागपूर चा राजा’ के दरबार में हवन-यज्ञ हुआ जिसमें गणपति के पसंदीदा मोदकों की आहुति दी गई। अगले दस दिन रोज इसी तरह हवन-यज्ञ में मोदकों की आहुति दी जाएगी। पहली संध्या आरती में सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

आपको बता दें कि नागपुर के प्रतिष्ठित उद्योगपति, कलचुरी एकता समवर्गी संघ नागपुर के मुख्य संरक्षक श्री दीपक गोविंद प्रसाद जायसवाल ने 29 वर्ष पूर्व अपने छोटे पुत्र श्री प्रतीक जायसवाल के जन्म की खुशी में ‘नागपूर चा राजा’ की स्थापना कराई थी। तब से हर वर्ष यह आयोजन भव्यता और प्रतिष्ठा में श्रीवृद्धि प्राप्त कर रहा है। अब उन्हीं के संरक्षण व अध्यक्षता में एक ट्रस्ट बना दिया गया है जो हर वर्ष यह आयोजन कराता है। तुलसी बाग स्थित रेशमबाग चौक पर भव्य मंडप की तैयारी कई दिनो पहले से शुरू हो जाती है। गत 25 अगस्त को सुबह 9 बजे के शुभ मुहूर्त में 11 फीट की गणपति प्रतिमा को बड़कस चौक स्थित चीता रोली से बाजे-गाजे के साथ शोभायात्रा के रूप मे लाया गया।

बुधवार, 27 अगस्त को गणेश चतुर्थी के दिन भव्य पंडाल में ‘नागपूर चा राजा’ को सोने-चांदी के आभूषणों से सुसज्ज्जित किया गया। इसमें हीरे की अंगूठी, सोने के हाथ और पैर, सोने का मुकुट, सोने की सूंड समेत कई अन्य सोने-चांदी के आभूषण शामिल हैं जिनका अनुमानित वजन 5 किलो तो होगा ही। इसके बाद पूरे विधि-विधान से प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। सालासर बालाजी धाम से विशेष रूप से बुलाए गए प्रकांड धर्मशास्त्री पंडितों ने हवन कराया। हवन की शुरुआत श्री दीपक जायसवाल के पुत्र श्री पीयूष जायसवाल एवं पुत्रवधु सौ. मनीषा ने कराई। शाम को श्री दीपकजी जायसवाल, उनकी धर्मपत्नी श्रीमती दीप्ति जायसवाल और परिवार के सभी सदस्यों की उपस्थिति में पहली संध्या आरती की गई। मंडप में प्रतिदिन सुबह की आरती 9.30 बजे और शाम की आरती 7.00 बजे होगी। श्रद्धालु प्रतिदिन सुबह से पूरे दिनभर दर्शनलाभ प्राप्त कर सकते हैं।

नागपुर में नागपूर चा राजा की वही प्रतिष्ठा और आन-बान-शान है जो मुंबई में ‘लालबाग का राजा’ की है। मान्यता है कि नागपूर चा राजा अपने भक्तों की हर मन्नत पूर्ण करते हैं। मंडप में रोज हजारों श्रद्धालु गणपति के दर्शन के लिए आते हैं और उनसे मन्नत मांगते हैं। मंडप में प्रतिदिन भव्य स्तर पर पूजा-पाठ और प्रसाद की व्यवस्था की जाती है। सब काम बहुत व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से होता है। सुबह-शाम प्रसाद तैयार होता है। हर शाम नगर की कोई न कोई प्रतिष्ठित शख्सियत मंडप में आती है। हालांकि मंडप में किसी से किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होता। सेवा और आरती में भी सभी भक्तों को बराबर का अवसर दिया जाता है। प्रतिदिन सुबह 2-3 घंटे पूजापाठ चलता है। एक घंटा सुबह-शाम की आरती होती है। रोज कई टीवी चैनलों के प्रतिनिधि इसे कवर करने आते हैं। फेसबुक पेज पर आरती का लाइव प्रसारण किया जाता है। कुल मिलाकर यह आयोजन अपनी निरंतरता, भव्यता और प्रबंध कौशल के चलते पूरे नागपुर ही नहीं, आसपास के जिलो में ख्याति प्राप्त कर रहा है और यह ‘नागपूर चा राजा’ की विशेष कृपा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

वुमन पॉवर, समाचार

माधुरी शिवहरे जायसवाल बनीं ‘मिसेज इंडिया एशिया-ब्यूटीफुट स्माइल’; शादी

समाचार

महेश्वर में लगेगी सहस्रबाहु प्रतिमा; कई वर्षों से समाज

समाचार, समाज

सबकी मन्नतें सुनकर विदा हुए ‘कान वाले बाबा’; फिरोजाबाद

समाचार

6 सितंबर को पहली बार आगरा आ रहे ‘चर्चित

शिक्षा/करियर, समाचार

बडोदरा में मेधावी बच्चों का सम्मान, शिक्षा-संस्कार ही समाज

समाचार, समाज

चकलेश्वर मंदिर की रमणिक वादियों में मौज-मस्ती और दाल-बाटी;