रायसेन।
आपसी सहयोग और सहायता ही समाज का आधार है, और उसकी मजबूती की पहचान भी। रायसेन के कलचुरी समाज ने इसकी शानदार मिसाल पेश की है। बिजली ठीक करते समय एक हादसे में बुरी तरह घायल हुए दैनिक वेतनभोगी स्वजातीय युवक को रायसेन के कलचुरी समाज ने आपस में 3.5 लाख रुपये से अधिक की धनराशि एकत्र कर प्रदान की। इससे पूर्व जाने-माने समाजसेवी पंकज चौकसे (गोटेगांव) की पहल पर शासन की ओर से दो लाख रुपये की सहायता उन्हें दिलवाई जा चुकी है।

दरअसल रायसेन जिले में सिलवानी तहसील के पराशिया (प्रतापगढ़) गांव निवासी सत्यम राय ‘विद्युत मंडल जिला रायसेन’ में दैनिक वेतनभोगी आउटसोर्स कर्मचारी था। गत माह एक रोज वह क्षेत्र में बिजली की लाइन बंद करवाकर खंबे पर काम कर रहा था। इसी दौरान किसी अन्य लाइनमैन ने सब-स्टेशन से बिजली चालू कर दी। अचानक करंट आने से सत्यम के दोनों हाथ बुरी तरह झुलस गए और झटके के साथ खंबे से नीचे जा गिरा। सत्यम को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, उस समय तो मेडिकल सहायता मिल गई, लेकिन बाद में बिजली विभाग ने हाथ खींच लिए और किसी प्रकार की सहायता से इनकार कर दिया।

इस पर रायसेन जिले के कलचुरी समाजबंधुओं ने सत्यम राय के पक्ष मे एकजुट होकर बिजली विभाग के इस अन्याय के खिलाफ आंदोलन छेड़ने की घोषणा कर दी। मामला बढ़ता देख क्षेत्र में सत्तारूढ़ दल के कुछ नेताओं ने कलचुरी समाजजनों से बात की और ऊर्जामंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर से उन्हें आश्वासन दिलवाकर आंदोलन समाप्त करा दिया, लेकिन विभाग की ओर से सहायता दिलाने की दिशा में कोई कार्रवाई अभी तक नहीं की गई। इस बीच गोटेगांव (नरसिंहपुर) के वरिष्ठ समाजसेवी एवं कलचुरी समाज के जिलाध्यक्ष पंकज चौकसे की पहल पर वरिष्ठ समाजजनों ने सूबे के मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलकर शासन की ओर से दो लाख रुपये की सहायता तत्काल सत्यम को दिलवाई।

इधर, रायसेन जिले की कलचुरी समाज के अध्यक्ष राजेंद्र वर्मा (बरेली) के आह्वान पर जिलेभर की सभी तहसीलों के कलचुरी समाजबंधुओं के सहयोग से कुल 353000 रुपये की राशि एकत्रित की गई। बीते रविवार, 5 जुलाई को यह सहायता राशि सत्यम को सौंप दी। नरसिंहपुर के प्रमुख समाजसेवी किशोर राय ने शिवहरेवाणी को बताया कि एकत्र सहायता राशि में बरेली तहसील कलचुरी समाज की ओर से 104100 रुपये, उदयपुरा तहसील से 71000 रुपये, गैरतगंज तहसील से 64900 रुपये, रायसेन से 30000 रुपये, बाड़ी तहसील से 15000 रुपये, बेगमगंज तहसील से 11000 रुपये, मंडीदीप से 25000 रुपये, सिलवानी तहसील से 11000 और सुल्तानपुर कलचुरी समाज से 21000 रुपये का योगदान रहा। किशोर राय ने रायसेन कलचुरी समाज की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने परस्पर सहयोग औऱ सहायता की प्रेरक मिसाल पेश कर बता दिया है कि रायसेन का कलचुरी समाज के एक सशक्त समाज है।















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