वाराणसी।
भगवान शिव की नगरी ‘काशी’ में ‘अखिल भारतवर्षीय हैहय कलचुरी महासभा’ के 91वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान कॉनफेडरेशन ऑफ इंडियन कलचुरी एसोसिएशन्स (FIKA) की विशेष बैठक आहूत की गई जिसमें ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा के साथ ही संगठन की संरचना को लेकर कई सुझाव भी सामने आए।
अखिल भारतवर्षीय हैहय कलचुरी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जयनारायण चौकसे के मुख्य आतिथ्य में यह बैठक शनिवार को रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के कांफ्रेंस कक्ष में हुई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे FIKA प्रेसिडेंट व्ही कुमार गौड़ (आंध्र) ने बैठक का तीन सूत्री एजेंडा प्रस्तुत किया जिसमें जातीय जनगणना से पूर्व कलचुरी शब्द के उपयोग पर सहमति बनाना, आबकारी कारोबार में समाज का प्रभुत्व समाप्त होने के बाद बदली हुई परिस्थितियों में बन रहे नए अवसरों के लाभ प्राप्त करने और समाज के शैक्षणिक उत्थान के उपायों पर चर्चा शामिल रही।
बैठक में ‘अखिल भारतीय कलवार कलार कलाल महासभा’ के राष्ट्रीय महासचिव श्री किशोर भगत ने संस्था में उनके नाम के अनुरूप संरचनात्मक परिवर्तन करने का सुझाव दिया। उनके मुताबिक, कॉनफेडरेशन का शाब्दिक अर्थ होता है महासंघ यानी संघों का संघ। इसीलिए कलचुरी समाज के पंजीकृत संगठन और संस्थाएं को ही FIKA का सदस्य बनाया जाए ना कि किसी व्यक्ति को। उन्होंने कहा कि पंजीकृत संस्थाओं के अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी सदस्य ही FIKA की बैठकों में अपनी संस्था का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। इन संस्थाओं के अध्यक्षों को बारी-बारी महासंघ के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी जाए। व्ही कुमार गौड़ ने इन सुझावों के लिए श्री भगत का आभार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि इन पर सहमति बनाकर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। हैहय कलचुरी महासभा की महिला अध्यक्ष श्रीमती पूनम चौधरी गुप्ता (दिल्ली) ने कहा कि संस्था में महिलाओं को शामिल कर लिया जाता है, लेकिन निर्णय लेने की प्रक्रिया में उन्हें शामिल नहीं किया जाता, इस रवैये को बदला जाना चाहिए।
श्री जयनारायण चौकसे ने बैठक में सदस्यों को महेश्वर में ‘भगवान सहस्रबाहु धाम’ के निर्माण की योजना और उसमें हुई प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कलचुरी समाज के अंदर एकजुटता को लेकर चेतना की जागृति और भगवान सहस्रबाहु के साथ उसे जोड़े जाने की कोशिशों का इतिहास साझा करते हुए सभी से आह्वान किया कि वे अपने नाम के आगे कलचुरी अवश्य लिखें और नाम के बाद अपना वर्ग या सरनेम जो भी लिखते हैं, लिखें। और सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि आगामी जनगणना में इसी प्रकार अपना नाम दर्ज कराएं ताकि हमारे समाज की वास्तविक गणना सामने आ सके।
बाद में सभी ने अखिल भारतवर्षीय हैहय कलचुरी महासभा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष श्री अशोक राय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनका अभिनंदन किया जिन्होंने महासभा के 91वें स्थापना दिवस समारोह के मुख्य संयोजक की हैसियत से FIKA को बैठक करने की सहूलियत प्रदान की।
बैठक में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व विधायक जी अशोकन (तमिलनाडु), भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, राष्ट्रीय कलचुरी एकता महासंघ की राष्ट्रीय संयोजिका श्रीमती अर्चना जायसवाल (इंदौर), मध्य प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश राय (सीहोर) मौजूद रहे। संचालन FIKA महासचिव प्रो. जीसी जायसवाल (वाराणसी) ने किया।
बैठक में हैहय कलचुरी महासभा के राष्ट्रीय महासचिव श्री एमएल राय (भोपाल), युवा अध्यक्ष निखिल नाडर (केरल), वरिष्ठ समाजसेवी श्री रमेशचंद्र अहलुवालिया (हरियाणा), थिया समाज के अध्यक्ष श्री गणेश आरामंगनम (केरल), साउथ फिल्मों के एक्टर श्री जयहिंद गौड़ (आंध्र), श्री जयकुमार गौड़ (मुंबई), श्री दत्तात्रेय दबेतुकर (महाराष्ट्र), योगाचार्य स्वामी ओमप्रकाश (दिल्ली), सीए ब्रजेश जायसवाल (वाराणसी) समेत अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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वाराणसी में FIKA का मंथन; संरचना में परिवर्तन के सुझाव; व्यक्ति नहीं, संस्थाओं को जोड़ें; अशोक राय का सम्मान
- by admin
- August 5, 2026
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