जगत में कोई न परमानेंट….; होली मिलन में रामभाई और केके शिवहरे के भजनों ने जमाया रंग; विजय शिवहरे ने कहा- बैर भुलाकर गले लगाना ही होली का उद्देश्य
आगरा।होली सिर्फ रंगों का उत्सव नहीं है, बल्कि भूलों को भुलाने, रुठों को मनाने, और गले लगाने का अवसर भी हैं। होली मिलन

