शिवहरे वाणी नेटवर्क/एजेंसी
नई दिल्ली।
कोरोना वायरस से बचने के लिए आप सोशल डिस्टेंसिंग के दिशा-निर्देशों को फॉलो करते हुए हर व्यक्ति से कम से कम एक-दो मीटर का फासला बनाकर चल रहे हैं, तो कृपया यह फासला और बढ़ा दीजिये। क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और ‘अमेरिका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र’ (सीडीसी) ने बताया है कि सामाजिक दूरी के मौजूदा दिशानिर्देश पर्याप्त नहीं हैं और खांसी या छींकने से यह वायरस आठ मीटर दूर तक जा सकता है।
‘जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन’ में प्रकाशित अनुसंधान के अनुसार डब्ल्यूएचओ तथा सीडीसी ने इस समय जो दिशानिर्देश जारी किए हैं वे खांसी, छींक या श्वसन प्रक्रिया से बनने वाले ‘गैस क्लाउड’ के 1930 के दशक के पुराने पड़ चुके मॉडलों पर आधारित हैं।
अध्ययनकर्ता एमआईटी की एसोसिएट प्रोफेसर लीडिया बूरूइबा ने आगाह किया कि खांसी या छींक की वजह से निकलने वाली सुक्ष्म बूंदें 23 से 27 फुट या 7-8 मीटर तक जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा दिशानिर्देश बूंदों के आकार की अति सामान्यकृत अवधारणाओं पर आधारित है और इस घातक रोग के खिलाफ प्रस्तावित उपायों के प्रभावों को सीमित कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में कोविड-19 के मामलों की संख्या बुधवार को 1637 पहुंच गई, वहीं इस महामारी से मौत का आंकड़ा 38 हो गया। मंत्रालय ने बताया कि 1466 कोरोना वायरस संक्रमितों का इलाज चल रहा है, वहीं 132 लोग या तो ठीक हो गए हैं या उन्हें अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है। एक रोगी दूसरे देश जा चुका है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के बुधवार सुबह नौ बजे के आंकड़ों के अनुसार मंगलवार के आंकड़े जारी होने के बाद से मौत के तीन नए मामले सामने आए हैं। हालांकि यह अभी पता नहीं है कि ये देश के किन हिस्सों से आए हैं। मंगलवार रात तक देश में कोरोना वायरस से मौत के सर्वाधिक मामले महाराष्ट्र में थे। इस राज्य में नौ रोगियों की मौत हो चुकी है।
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और बढ़ा दीजिये फासले..कोरोना पर चौंका देने वाली रिसर्च
- by admin
- October 29, 2016
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