July 28, 2026
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शिक्षा/करियर समाचार

पीसीएस-जे रिजल्टः 8 कलचुरी युवा बने जज; दुद्धी के अभिषेक जायसवाल की पहले ही प्रयास में शानदार कामयाबी; कहा-यह माता-पिता का आशीर्वाद

दुद्धी (सोनभद्र)। 
पीसीएस-जे (प्रोविंशियल सिविल सर्विसेज-ज्युडिशियल) परीक्षा के बीते रोज घोषित अंतिम परिणाम में कलचुरी समाज के 8 प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों ने कामयाबी हासिल की है। इनमें 128वीं रैंक पर रहे हैं सोनभद्र जिले के दुद्धी तहसील से हैं। 23 वर्षीय अभिषेक ने पहले ही प्रयास में यह कामयाबी हासिल की है। अभिषेक अपनी सफलता को माता-पिता का आशीर्वाद मानते हैं। 
अभिषेक जायासवाल के एक रिश्तेदाव श्री रविंद्र जायसवाल ने उसकी कामयाबी की खुशखबरी शिवहरेवाणी से साझा की है। दुद्धी से सटे मलदेवा गांव निवासी टेंट व्यवयासी श्री नवल जायसवाल के पुत्र अभिषेक वर्तमान में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से एलएलएम की पढ़ाई कर रहे हैं। अभिषेक ने प्रारंभिक शिक्षा दुद्धी के ही सरस्वती शिशु मंदिर से की, जबकि हाईस्कूल राजकीय इंटर कालेज दुद्धी से किया। इंटरमीडियेट की पढ़ाई उन्होंने दिल्ली में अपने बड़े भाई के साथ रहकर की। इंटरमीडियेट के बाद क्लैट (CLAT) परीक्षा की तैयारी की और पहले ही प्रयास में क्वालीफाई कर लिया। उन्हें हिमांचल विश्वविद्यालय शिमला में एडमिशन मिला जहां से उन्होंने पांच वर्ष एलएलबी की पढ़ाई की। एलएलएम के लिए क्लैट के माध्यम से ही उन्हें प्रतिष्ठित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में एडमिशन मिल गया। लेकिन, एलएलएम कंप्लीट करने से पहले ही उनका सलेक्शन पीसीएस-जे में हो गया है।

इन आठ स्वजातीय युवाओं ने पायी सफलता
बीते रोज घोषित पीसीएस-जे परीक्षा के अंतिम परिणाम में अब तक की जानकारी के मुताबिक कलचुरी समाज के जिन आठ अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, उनमें सुश्री दिशा ओमरे (43वीं रैंक), तन्मय जायसवाल (108वीं रैंक), अभिषेक जायसवाल (128वीं रैंक), इशांत जायसवाल (129वीं रैंक), रतनजीत जायसवाल (146वीं रैंक), संजीव जायसवाल (153वीं रैंक), अमन राय (202वीं रैंक), अनुभव जायसवाल (207वीं रैंक) शामिल हैं।

बुधवार को रिजल्ट घोषित होने के बाद से अभिषेक के घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। अभिषेक के पिता श्री नवल जायसवाल बेटे की कामयाबी को उसकी मेहनत का नतीजा का मानते हैं। नवल जायसवाल के चार पुत्र हैं जिनमें सबसे बड़ा बेटा नवीन जायसवाल दिल्ली में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। दूसरा बेटा निरंजन जायसवाल पिता के टेंट कारोबार में हाथ बंटाता है। तीसरा पुत्र शशांक जायसवाल भी बीटेक है और बंगलुरू में जॉब करता है। और, चौथे व सबसे छोटे पुत्र अभिषेक ने तो अपनी कामयाबी से परिवार की प्रतिष्ठा में चार चांद लगा दिए हैं। अभिषेक की माताजी धार्मिक प्रवृत्ति की घरेलू महिला हैं, जिन्होंने हमेशा बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी। अभिषेक की भाभी श्रीमती सीता जायसवाल मलदेवा गांव की ग्राम प्रधान हैं। 

 

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