शिवहरे वाणी नेटवर्क
भोपा
नौ…आठ…सात…छह….पांच…। उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, बस कुछ इंतजार और। भोपाल का कलचुरी समाज अपने आराध्य राजराजेश्वर भगवान सहस्त्रबाहु की जयंती के उपलक्ष्य में एक ऐसी परंपरा शुरू करने जा रहा है, जिसके बहाने हर साल देशभर से कलचुरी समाजबंधु यहां एक-जगह एकत्र होंगे। प्रथम ‘सहस्त्रबाहु कथा एवं मनोकामना पूर्ति यज्ञ’ का तीन दिवसीय कार्यक्रम 20 नवंबर से शुरू हो जाएगा। भोपाल के करौंद स्थित सिमरन मैरिज गार्डन होने वाले इस यज्ञ में 251 यजमान आहुति देंगे। फिलहाल आयोजकों का एक दल शनिवार रात को महेश्वर पहुंच गया है जहां से सभी लोग अखंड ज्योति लेकर रविवार शाम को भोपाल के लिए प्रस्थान कर देंगे और सोमवार को अखंड ज्योति आगरा भोपाल पहुंच जाएगी।

कलचुरी सेना के विपिन राय ने शिवहरे वाणी को बताया कि यज्ञ की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। आयोजन स्थल पर 251 यज्ञ वेदियां बन चुकी हैं। प्रथम मनोकामना पूर्ति यज्ञ से पहले कलचुरी तीर्थ महेश्वर धाम से अखंड ज्योति लाने के लिए करीब एक दर्जन कारों का काफिला शनिवार को रवाना हो गया और रात करीब 9 बजे सभी लोग खरगौन स्थित महेश्वर धाम पहुंच गए। वहां सभी समाजबंधुओं ने महेश्वर धाम में अपने शीश नवाए और पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप भोजन कर रात्रि विश्राम किया।

रविवार को महेश्वर धाम में सभी समाजबंधु विधिविधान से पूजा अर्चना करेंगे और उसके बाद शाम को भोपाल के लिए रवाना हो जाएंगे। सोमवार को भोपाल पहुंचने पर अखंड ज्योति को बसंत कुंज स्थित भगवान सहस्त्रबाहु मंदिर में रखा जाएगा। इस दौरान हजारों कलचुरी बंधु अखंड ज्योति के दर्शन करेंगे।

अगले दिन, मंगलवार 20 नवंबर को सुबह 8 बजे महिलाओं की कलशयात्रा ई-8 बसंतकुंज से आयोजन स्थल सिमरन मैरिज गार्डन के लिए रवाना होगी। आयोजन स्थल पहुंचने पर सहस्त्रबाहु कथावाचक शैलेंद्र कृष्ण शास्त्री महाराज मंडप पूजन एवं हवन कराएंगे। इसके बाद ही राष्ट्रीय संत शैलेंद्र कृष्ण शास्त्री महाराज भगवान सहस्त्रबाहु कथा का वाचन शुरू कर देंगे।

श्री सहस्त्रबाहु कथा एवं अगले दो दिन 21 एवं 22 नवंबर को भी जारी रहेगी। 22 नवंबर को ही पूर्णाहुति के साथ मनोकामना पूर्ति यज्ञ एवं कथा का समापन होगा जिसके पश्चात विशाल भंडारा चलेगा। अगले दिन यानी शुक्रवार 23 नवंबर को पूरे दिन भंडारा चलाया जाएगा।

श्री विपिन राय ने बताया कि कार्यक्रम में देशभर से बड़ी संख्या में जयमान आ रहे हैं। आयोजक संस्था श्री सहस्त्रबाहू सेवा एवम् उत्सव समीति और समस्त सहस्त्रार्जुन प्रेमी बंधु की ओर से बाहर से आने वाले आगंतुकों को ठहरने एवं भोजन की व्यवस्था कर ली गई है। उन्होंने सभी भक्तों से अपील की कि वे पूजन-सामग्री एवं हवन सामग्री अपने साथ लेकर आयोजन स्थल आएं।

जानकारों का मानना है कि कलचुरी समाज का ऐसा भव्य आयोजन भोपाल ही नहीं, संभवः पूरे भारत में अभी तक नहीं किया गया है। बता दें कि विपिन राय ने बीते दिनों छिंदवाड़ा में श्री राजेंद्र राय से मुलाकात की थी। राजेंद्र राय ही वह शख्स हैं जिन्होंने पहली बार सहस्त्रबाहु कथा का मुद्रण किया जो कलचुरी समाज को अपना इतिहास जानने में बहुत सहायता मिलेगी। इसकी जानकारी मिलने पर चलने पर विपिन राय ने भोपाल में यह आयोजन की बात रखी थी।

आयोजन में स्वजातीय संत श्री श्री 1008 महामण्डलेश्वर श्री संतोष आनंद जी अवधूत आश्रम हरिद्वार, संत श्री हरीसर दास जी वृंदावन एवम् भारतवर्ष के विभिन्न राज्यों से भक्तगण शामिल होकर कथा श्रवणपान कर महायज्ञ मे आहूति देकर धर्मलाभ लेगें।














